भारत की महिला रिकर्व टीम ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, 48 साल बाद हासिल किया गोल्ड

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। भारत की महिला रिकर्व टीम ने एशियन गेम्स में पहली बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड ने फाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन साउथ कोरिया को 5-3 से हराया। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसके लिए खिलाड़ियों को बधाई दी।
एशियन गेम्स का 75 साल का इतिहास 

एशियन गेम्स के 75 साल के इतिहास में आखिरकार महिला टीम रिकर्व में भारत ने स्वर्ण पदक जीत लिया। 2010 ग्वांगझू में कांस्य और 2022 हांगझोउ में कांस्य जीतने के बाद भारतीय टीम ने 2026 में वह सफलता हाासिल कर ली जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था। इसी के साथ तीर कमान के इस खेल में बेटियों  ने गोल्ड जीतकर 48 साल का सूखा खत्म किया। बता दें कि इससे पहले 1978 के बैंकॉक एशियन गेम्स में रणधीर सिंह ने पुरुषों के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। अंकिता भकत, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति शर्मा की तिकड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर इस स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया का लंबे समय से दबदबा रहा है, लेकिन अब भारत ने उस सिलसिले को तोड़ दिया है। 
रिकर्व टीम स्पर्धा में हासिल की सफलता

बता दें कि रिकर्व टीम स्पर्धा के फाइनल में कुल चार सेट होते हैं। प्रत्येक सेट में छह तीर चलाए जाते हैं। यानी तीनों तीरंदाज दो-दो तीर चलाते हैं। छह तीरों के बाद जिस टीम का स्कोर ज्यादा होता है, उसे सेट के लिए दो अंक मिलते हैं। स्कोर बराबर होने पर दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलता है। फाइनल के पहले सेट में भारत और दक्षिण कोरिया का स्कोर बराबर रहा। लिहाजा दोनों को एक-एक अंक मिला। दूसरे सेट में भी यही कहानी रही यानी स्कोर बराबर रहने के कारण दोनों टीमों को फिर एक-एक अंक मिला। दो सेट के बाद मुकाबला 2-2 की बराबरी पर था। तीसरे सेट में भारतीय तिकड़ी ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने यह सेट जीतकर दो अंक हासिल किए, जबकि दक्षिण कोरिया को कोई अंक नहीं मिला। इससे भारत ने तीसरे सेट के बाद 4-2 की बढ़त बना ली। अब स्वर्ण के लिए भारत को आखिरी सेट में मुकाबला अपने नाम करना था या स्कोर बराबर रखना था। चौथे और आखिरी सेट में दोनों टीमों के बीच फिर कांटे की टक्कर देखने को मिली। सेट का स्कोर बराबर रहा और दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। इसके साथ ही भारत ने 5-3 के स्कोर से फाइनल जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। अंकिता, कुमकुम और कीर्ति ने तीर चलाए और भारत ने इतिहास पर निशाना साध दिया।
तीरंदाजी में अब चार स्वर्ण

इस जीत के साथ भारत के तीरंदाजी में अब चार स्वर्ण, एक कांस्य सहित कुल पांच पदक हो गए हैं। वहीं एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 67 पहुंच गई है। इसमें 11 स्वर्ण, 23 रजत और 33 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत अब पदक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। बता दें कि भारत के पदक अभियान के लिए बृहस्पतिवार का दिन शानदार रहा। कल भारत ने दो रजत और तीन कांस्य समेत 5 पदक जीते। इसमें पहला पदक महिला स्क्वैश टीम ने जीता। अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना और जोशना चिनप्पा की टीम को सेमीफाइनल में हांगकांग से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे उसे कांस्य पदक मिला। पुरुष स्क्वैश टीम ने भी सेमीफाइनल में मलेशिया के खिलाफ 1-2 की हार के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया। नौकायन में पुरुष स्किफ स्पर्धा में प्राइस नोबल और मनु फ्रांसिस ने रजत पदक जीता। दोनों चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहे। तीरंदाजी में गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने पुरुष कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। कुश्ती में नितेश ने पुरुषों के 97 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग में रजत पदक जीता। यह दिन का भारत का दूसरा रजत पदक रहा। पदक तालिका में चीन के पास सबसे ज्यादा 152 स्वर्ण पदक हैं। वहीं जापान ने 58 स्वर्ण पदक जीते हैं। कोरिया गणराज्य 30 स्वर्ण पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है।  वहीं उज्बेकिस्तान ने 16 और ईरान ने 12 स्वर्ण पदक जीते हैं।