जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग की और भी भयाभय होने वाली है। अभी तक मिसाइलों का प्रयोग कर एक दूसरे पर हमले किए जा रहे थे। अब अगर इस पर विराम नहीं लगा तो यह जंग जमीनी लड़ाई में तब्दील हो जाएगी। अमेरिका जहां अपने 10 हजार सैनिक पश्चिम एशिया में भेज रहा है वहीं ईरान इसके जवाब में 10 लाख सैनिक तैयार कर रहा है। इसी बीच एक अहम जानकारी सामने आई है। इसके तहत एक बैठक हुई है जिससे लग रहा है कि अब आर-पार की लड़ाई शुरू हो सकती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर इजरायल पहुंचे हैं और वहां पर उन्होंने इजरायली सेना यानी आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में मुख्य रूप से दो मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें वर्तमान की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा होना बताया जा रहा है। साथ ही सबसे अहम पहलू कि ईरान की हथियार बनाने की क्षमता को कैसे कम किया जाए इस पर भी चर्चा हुई। बता दें कि अमेरिका और इजरायल दोनों यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ईरान भविष्य में फिर से मिसाइल और हथियार बनाने की स्थिति में न रहे ताकि उसकी ओर से रहे हमले कम हो सकें।

बता दें कि 28 फरवरी से जारी इस जंग में करीब 1000 हमले हो चुके हैं। इस जंग को करीब 32 दिन हो चुके हैं। इसमें जहां ईरान ने अपने प्रमुख लीडर सहित कई सैन्य अधिकारियों को खो दिया वहीं ईरानी हमलों से इजरायल को भी काफी नुकसान हुआ है। साथ ही अमेरिकी बेस पर भी ईरान लगातार नजर रखे हुए है। यही नहीं अमेरिका फाइटर को भी ईरान ने नुकसान पहुंचाया है। अब यह जंग जमीनी तौर पर लड़ने की बात सामने आ रही है। अगर जमीनी युद्ध शुरू हुआ तो यह दोनों दोनों के लिए बहुत भयाभय होगा। चूंकि, सेनाओं की सेनाओं की सीधी टक्कर में आर्मी को ज्यादा नुकसान होगा। अगर ऐसा हुआ तो यह जंग जल्द खत्म नहीं होगी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसकी अनुमति नहीं देंगे।





