जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्ध विराम की घोषणा के कुछ समय बाद ही इजरायल ने अपनी स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से बुधवार को एक बयान जारी किया गया। जिसमें कहा गया है कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता।

बता दें कि यह बयान ऐेसे समय पर आया है, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मध्यस्थता के तौर पर यह दावा किया था कि यह सीजफायर लेबनान सहित सभी क्षेत्रों पर प्रभावी होगा। इजरायली कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह
का संघर्ष विराम हुआ है लेकिन उसमें लेबनान शामिल नहीं है। इजरायल का कहना है कि लेबनान में ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह द्वारा किए जा रहे हमले अलग हैं। इजरायल का मानना है कि जब तक उसकी उत्तरी सीमा सुरक्षित नहीं हो जाती और हिजबुल्लाह के हमले बंद नहीं होते तब तक वह लेबनान पर हमले जारी रखेगा।

बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को कूटनीतिक रूप से असहज स्थिति में डाल दिया गया है। पहले शहबाज शरीफ ने इस समझौते की मध्यथता का श्रेय लिया और यह घोषणा की थी कि यह युद्धविराम लेबनान सहित हर उस जगह पर लागू होता है जहां संघर्ष चल रहा है। इस पर इजरायल ने यह स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान को समझौते के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। पाकिस्तान ने या तो अपना दबदबा बढ़ाने के लिए ऐसा किया।
बता दें कि इजरायल लेबनान को ईरान के साथ सीधे युद्ध का हिस्सा नहीं मानता बल्कि अपनी संप्रभुता पर हिजबुल्लाह के हमले के रूप में देखता है। विगत 40 दिनों से जारी इस युद्ध के दौरान हिजबुल्लाह ने ईरान के समर्थन में इजरायल पर हजारों रॉकेट दागे हैं। इजरायल का कहना है है कि वह ईरान पर 14 दिनों के लिए हमले रोक सकता है, लेकिन हिजबुल्लाह को तैयारी का कोई मौका नहीं देगा।





