एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में हवा, ग्रीन पटाखों को जलाने की मंजूरी 

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। दीपावली से पहले मौसमी दशाओं के प्रतिकूल होते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में आ गई। वहीं नोएडा के सेक्टर 62 में एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया। इसी तरह प्रदूषण मुक्त दिपावली मनाने की अपील पर अभिनेत्री दिया मिर्जा विवादों में आ गई हैं। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों को जलाने की मंजूरी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।


फिर वायु प्रदूषण की चपेट में दिल्ली

दिपावली से पहले दिल्ली-एनसीआर फिर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गया है। मौसमी दशाओं के प्रतिकूल होते ही मुश्किल बढ़ गई है। राजधानी में प्रदूषण बढ़ाने में पड़ोसी राज्यों के 19 जिलों से आने वाले प्रदूषकों और वाहनों के धुएं की प्रमुख भूमिका रही। दोनों स्रोतों की पीएम2.5 में संयुक्त हिस्सेदारी करीब 55 फीसदी दर्ज की गई। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से उठने वाला धुआं भी दिल्ली पहुंचने लगा है। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में पराली के धुएं की हिस्सेदारी मौजूदा आठ फीसदी से बढ़कर 22 फीसदी तक पहुंच सकती है। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के पीएम2.5 प्रदूषण में पड़ोसी राज्यों के 19 जिलों से आने वाले प्रदूषकों की हिस्सेदारी 35 फीसदी रही। वहीं, वाहनों के धुएं का योगदान 20.078 फीसदी दर्ज किया गया। इसके अलावा अन्य छोटे-बड़े स्रोतों से करीब 17.074 फीसदी प्रदूषण हुआ। पराली के धुएं की हिस्सेदारी फिलहाल आठ फीसदी के आसपास रही।
दिल्ली की हवा में पराली के धुएं 


डीएसएस के अनुमान के अनुसार आज से दिल्ली की हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ सकती है। अगले तीन दिनों में इसके बढ़कर 22 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान वाहनों से होने वाले प्रदूषण का योगदान भी 15 फीसदी के आसपास बना रह सकता है। ऐसे में मौसमी परिस्थितियों में कुछ सुधार के बावजूद प्रदूषण के स्तर में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। 
नोएडा की हालत सबसे ज्यादा खराब 

एनसीआर में नोएडा की हालत सबसे ज्यादा खराब होने लगी है। सेक्टर 62 में एक्यूआई 404 दर्ज किया गया है। बता दें कि यह गंभीर श्रेणी में आता है। सेक्टर 39 और सेक्टर 150 में एक्यूआई का स्तर क्रमश: 365 और 343 दर्ज किया गया। दिल्ली में एक्यूआई के 300 के पार जाने के बाद ग्रेप 2 के प्रतिबंध लागू हो गए हैं। उत्सर्जन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लगी दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, अक्षरधाम मंदिर के आसपास के इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 373 दर्ज किया गया। यह बहुत खराब श्रेणी में रखा गया है।
ग्रीन पटाखे चलाने की इजाजत 

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के मौके पर ग्रीन पटाखे चलाने की इजाजत दे दी है। 7 नवंबर को छोटी दिवाली और 8 नवंबर को दिवाली के त्योहार के दिन दिल्ली और एनसीआर के लोगों को यह छूट मिली है। यह बात अलग है कि इसके लिए कुछ समयसीमाएं और पटाखों की खरीद-बिक्री से जुड़े नियम भी लागू किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के उपयोग के लिए समय सीमित किया है। दिवाली के एक दिन पहले और दिवाली के दिन पटाखे फोड़ने के लिए सुबह 6:00 बजे से 7:00 बजे और रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक का समय तय किया गया है। निर्धारित अवधि खत्म होते ही पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो जाता है। अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक-जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शैक्षिक संस्थानों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह रोक है। इन क्षेत्रों को जमीन पर चिह्नित कर नो-क्रैकर जोन के रूप में घोषित और सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में निमार्ताओं और व्यापारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा राशि जमा करना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर यह राशि जब्त कर ली जाएगी। यदि किसी निर्माता के ग्रीन पटाखे नकली पाए जाते हैं, तो उसका लाइसेंस रद्द करने का आदेश है।
विवादों में घिरी दीया मिर्जा 


प्रदूषण मुक्त उत्सव मनाने की अपील को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा विवादों में घिर गई हैं। मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने अभिनेत्री दीया मिर्जा को हिन्दू विरोधी बताया। उन्होंने बीएमसी के उस कदम का समर्थन किया जिसमें प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान से वाला वीडियो हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि हमें यह सिखाने के लिए दीया मिर्जा की जरूरत नहीं है कि हिंदुओं को दिवाली कैसे मनानी चाहिए। तावड़े ने मिर्जा पर हिंदुत्व का लगातार विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मिर्जा ने गुजरात में नर्मदा परियोजना, समान नागरिक संहिता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी बयान दिए हैं। इस बीच एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने अभिनेत्री का समर्थन किया है। पठान ने इसे चुनिंदा विरोध करार दिया। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने भी दीया मिर्जा का बचाव किया। उन्होंने सवाल उठाया कि पर्यावरण की सुरक्षा की अपील विवाद का विषय कैसे बन गई।