जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने गेहूं या जौ के दाने की लंबाई के बराबर का ऐसा नैनो रोबोट बनाया है जो बिना चीर-फाड़ किए हुए सर्जरी कर देगा। इतना ही नहीं यह 1 सेकंड में 5 तरह के काम पूरे करेगा।
चिकित्सा विज्ञान में नए-नए प्रयोग
चिकित्सा विज्ञान में नए-नए प्रयोग हो रहे हैं। साथ ही वैज्ञानिक और डॉक्टर मिलकर नई-नई तकनीकों के साथ नए यंत्र भी बना रहे हैं। अब शोधकर्ताओं ने गेहूं या जौ के दाने के बराबर का रोबोट तैयार किया है। नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी सिंगापुर के शोधकर्ताओं ने इस रोबोट को तैयार किया है। डॉक्टरों के अनुसार यह रोबोट बेहद काम का है। यह चिकित्सा विज्ञान का इतिहास बदल देगा। यह सर्जिकल रोबोट है। यह रोबोट 1 सेकंड से भी कम समय में 5 अलग-अलग काम कर सकता है। इस नए टूल या मशीन की मदद से डॉक्टर बिना बड़े कट या चीरे के मरीजों का इलाज बहुत आसानी से कर सकेंगे। यह डेवलपमेंट मेडिकल साइंस के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।
4.4 मिलीमीटर लंबा
अगर इस रोबोट की कुल लंबाई की बात करें तो यह 4.4 मिलीमीटर लंबा है। शोधकर्ताओं ने इस रोबोट के बारे में जानकारियां उपलब्ध कराई हैं। इस नैनो रोबोट से संबंधित जानकारियां कई साइंस मैगजीन में प्रकाशित की गई है। इस स्टडी को एडवांस्ड मटीरियल्स जर्नल में भी पब्लिश किया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसे बिना किसी तार के हल्के मैग्नेटिक फील्ड के जरिए दूर से ही कंट्रोल किया जा सकता है। अपने छोटे आकार के बावजूद, यह नरम सतहों पर चल सकता है। यह जैविक ऊतकों को काट सकता है। साथ ही सर्जरी वाली जगह पर दवाएं छोड़ सकता है। यह शरीर के अंदर से मांस के छोटे से टुकड़े को पकड़कर सुरक्षित बाहर निकाल सकता है। नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी सिंगापुर यानी एनटीयू के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह डिवाइस छोटे रोबोटिक्स के क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही चुनौती को हल कर रहा है। टेस्टिंग के दौरान दिखाया गया कि रोबोट जटिल वातावरण में घूमते हुए कई मेडिकल काम कर रहा है। यह डिवाइस तेजी से कई अलग-अलग डिवाइस के बीच स्विच कर सकता है।
चिकित्सा जगत में नई क्रांति
प्रयोगकर्ताओं की टीम में शामिल एसोसिएट प्रोफेसर लुम गुओ जान का कहना है कि इस तरह के ज्यादातर रोबोट सिर्फ एक या दो काम कर सकते हैं। अब यह नया अविष्कार चिकित्सा जगत में नई क्रांति पैदा करेगा। लुम गुओ जान का यह भी कहना है कि हमारा लक्ष्य यह है कि डॉक्टर इन छोटे रोबोटों का इस्तेमाल शरीर के अंदर कर सकते हैं। इसे आॅपरेशन वाली जगह तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। इस नए मटीरियल की सुरक्षा जांचने के लिए इसे इंसानी त्वचा पर टेस्ट किया। टेस्ट में पाया गया कि 99 प्रतिशत से ज्यादा त्वचा की कोशिकाएं बिल्कुल सुरक्षित और जीवित रहीं। इससे साफ पता चलता है कि लैब में टेस्टिंग के दौरान यह मटीरियल इंसानी शरीर के लिए जहरीला या नुकसानदेह नहीं है।





