जन प्रवाद, ब्यूरो।
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के लिए आने-जाने वाले लोगों को प्राधिकरण ने बड़ी राहत दी है। प्राधिकरण ने सेक्टर-28 और 29 के बीच बने टोल गेट को खत्म किए जाने का आदेश दिया है। प्राधिकरण की ओर से सख्त चेतावनी दी गई है कि अगर टोल को नहीं हटाया गया तो बुल्डोजर की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे पर यमुना सिटी से जुड़ने के लिए 11, 12, 15, 16, 26 और 36 किलोमीटर पर टोल प्लाजा बने हैं। इसके अलावा 39 किलोमीटर पर जेवर के पास भी टोल प्लाजा बना हुआ है। हालांकि, अभी यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर 60 मीटर चौड़ी सड़क अधूरी है, जिसके कारण यमुना सिटी के विभिन्न सेक्टरों में जाने वाले लोगों को एक्सप्रेसवे का उपयोग करने पर मजबूर होना पड़ता है। उन्हें इसके लिए टोल देना पड़ता है।

बता दें कि उद्योगपतियों ने डीडा से इसकी शिकायत की थी। वर्ष 2025 में औद्योगिक सेक्टरों को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए सेक्टर-28 एवं 29 के बीच एक्सप्रेसवे तक रैंप बनवाया था। इसमें उद्योगपतियों से टोल न लेने का प्रावधान किया गया था। कुछ समय तक उद्योगपति इस रास्ते से बिना टोल के निकलते रहे, लेकिन एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने करीब 5 महीने पहले फिर से टोल प्लाजा शुरू कर दिया। यहां आने-जाने वाले उद्योगपतियों को करीब 80 रुपये टोल देना पड़ रहा है। इससे परेशान उद्योगपतियों ने शिकायत की थी। इसके बाद डीडा ने अब यमुना प्राधिकरण से आदेश जारी करने को कहा है। साथ ही आदेश नहीं मानने पर टोल प्लाजा को बुलडोजर से ध्वस्त करने की चेतावनी दी है। अफसरों का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी। ऐसे में औद्योगिक सेक्टरों तक जाने के लिए टोल नहीं लिया जाना चाहिए।
बता दें कि शहर में अब तक 30 हजार से अधिक आवासीय भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। तकरीबन 1100 से ज्यादा मकान तैयार भी हो चुके हैं। वहीं, 27 कंपनियां संचालित हो रही हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग काम करने आ रहे हैं। इनके साथ ही उद्योगपति भी यहीं से आना-जाना करते हैं। प्रबंधन की मानें तो इस कट से प्रतिदिन करीब 200 से ज्यादा गाड़ियों का आवागमन होता है। इन सभी से कुछ महीनों से टोल लिया जा रहा है।

27 कंपनियां कर रहीं प्रोडक्शन
बता दें कि यमुना सिटी के अंतर्गत सेक्टर-28, 29, 30, 32 व 33 औद्योगिक सेक्टर हैं। इस समय प्राधिकरण इन सेक्टरों में 3,113 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन कर चुका है। इनमें से 52 कंपनियों को कंफर्मेशन दिया जा चुका है। साथ ही 27 में उत्पादन किया जा रहा है। साथ ही तकरीबन 340 कंपनियों का निर्माण कार्य पूरी तरह से चल रहा है। जबकि, इस वर्ष के अंत तक यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 180 कंपनियों में उत्पादन शुरू किए जाने की तैयारी है।
इस बाबत यमुना एक्सप्रेस वे उद्यमी संघ के सचिव इमरान गनी का कहना है कि पहले इन सेक्टरों तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं होता था। काफी प्रयास के बाद प्राधिकरण ने मुश्किल से रैप बनाया था। अब उस रैप पर टोल प्लाजा स्थापित कर दिया गया है। अब उद्यमियों को यहां से आवागमन के लिए टोल देना पड़ रहा है। जबकि, प्रावधान के तहत उद्यमियों को टोल फ्री किया गया था। इस बाबत यमुना एक्सप्रेसवे के सहायक प्रबंधक जेके शर्मा का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर तय शर्तों के आधार पर टोल वसूला जाता है। टोल प्लाजा हटाने के लिए अभी यीडा की ओर से कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं यीडा के सीईओ आरके सिंह का कहना है कि औद्योगिक सेक्टर-28 के लिए जाने वाले कट पर टोल हटाने को कहा गया है। यदि प्रबंधन ने टोल प्लाजा नहीं हटाया तो बुलडोजर की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





