जनप्रवाद ब्यूरो। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का आज आठवां दिन है। अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने क्षेत्र को बारूद के ढेर पर लाकर खड़ा कर दिया है। अब खबरें आ रही हैं कि आज की रात ईरान पर भारी पड़ने वाली है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होने वाला है।
अमेरिका ने रणनीति में किया बदलाव
बता दें कि पश्चिम एशिया में ईरान के ड्रोन खतरे को देखते हुए अमेरिका अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने जा रहा है। इसके लिए अमेरिका जल्द ही मेरोप्स नामक एंटी-ड्रोन सिस्टम क्षेत्र में तैनात करेगा। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह वही सिस्टम है जिसने यूक्रेन में रूसी ड्रोन के खिलाफ प्रभावी प्रदर्शन किया है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे शाहेद ड्रोन तकनीकी रूप से बहुत जटिल नहीं हैं, इसके बावजूद बड़ी संख्या में छोड़े जाने के कारण ये खतरनाक साबित हो रहे हैं। रूस भी यूक्रेन युद्ध में इसी प्रकार के ड्रोन का लगातार इस्तेमाल कर रहा है। साथ ही उन्हें लगातार अपग्रेड कर रहा है। यही कारण है कि अमेरिका अब सस्ते और तेज समाधान तलाश रहा है।
मेरोप्स ड्रोन को उतारने की तैयारी
मेरोप्स ड्रोन की खासियतों की बात करें तो यह खास एंटी-ड्रोन तकनीक है। यह दुश्मन ड्रोन का पीछा कर उन्हें नष्ट करता है। यह एक मध्यम आकार की पिकअप ट्रक में आसानी से फिट हो सकता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से यह दुश्मन ड्रोन को पहचान कर उस पर हमला कर देता है। सिग्नल या सैटेलाइट जाम होने पर भी यह स्वतंत्र रूप से काम करता है। दुश्मन ड्रोन के करीब जाकर उसे हवा में ही मारकर गिरा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि महंगे मिसाइल सिस्टम से सस्ते ड्रोन को गिराना बेहद खर्चीला साबित होता है।
हथियार उत्पादन चौगुना करने की योजना
ईरान पर बमबारी के बीच अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने और हथियार उत्पादन चौगुना करने की योजना का खुलासा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने अपनी योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य हथियार निर्माण कंपनियों के साथ अहम बैठक हुई है। इसमें उन्होंने प्रोडक्शन और प्रोडक्शन शेड्यूल पर चर्चा की। साथ ही उच्चस्तरीय हथियार के उत्पादन को चार गुना बढ़ाए जाने पर सहमति बनी। पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि इन हथियारों का उत्पादन जल्द से जल्द और अधिक संख्या में हासिल करना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इन हथियारों के उत्पादन विस्तार का काम तीन महीने पहले ही शुरू हो चुका है। कई हथियारों की निर्माण प्रक्रिया अब भी चल रही है। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने आज रात ईरान में अब तक के सबसे बड़े हमले की चेतावनी दी है। फॉक्स बिजनेस के कुडलो शो में बात करते हुए बेसेंट ने कहा कि सचिव हेगसेथ, जनरल केन और राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत की है। आज रात हमारा अब तक का सबसे बड़ा बमबारी अभियान होगा। हम ईरानी मिसाइल लॉन्चरों, मिसाइलों को बनाने वाली फैक्ट्रियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाएंगे। बेसेंट ने आगे बताया कि अमेरिकी सेना ईरान की क्षमताओं को काफी हद तक कम कर रही है। उनके अनुसार ईरान दो मोर्चों पर लड़ रहा है। अमेरिकी बलों ने 3,000 से अधिक टारगेट्स पर हमला किया है। अब अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने की भी तैयारी कर रही है।
ईरान भी कर रहा हमला
दूसरी ओर ईरान भी हमले कर रहा है। आईडीएफ के अनुसार कुछ देर पहले ईरान की ओर से इजरायल के क्षेत्र की तरफ मिसाइलें दागी गईं हैं। इन खतरों को रोकने के लिए इजरायल का डिफेंसिव सिस्टम सक्रिय है। होम फ्रंट कमांड ने लोगों के मोबाइल फोन से अलर्ट रहने की सलाह दी है। साथ ही जरूरी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। कतर ने कहा कि बहरीन में कई इमारतों पर ईरान ने हमला किया है। यहां कतर अमीरी नौसेना बलों के कर्मचारी मौजूद थे। कतर के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि बहरीन में जिन इमारतों को निशाना बनाया गया, वे गल्फ कोआॅपरेशन काउंसिल की संयुक्त सैन्य कमान के तहत आती हैं। कतर ने इस घटना को खुला आक्रामक हमला बताया और कहा कि यह बहरीन की संप्रभुता का उल्लंघन है। कतर के अनुसार इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। इसका मतलब है कि अब कतर भी युद्ध में शामिल हो सकता है।





