कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 विधानसभा क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। मतदान के पहले दो घंटों में 32 लाख मतदाताओं में से कुल 18.39 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने बताया कि सुबह नौ बजे तक पूर्व बर्धमान जिले में सबसे अधिक 20.86 प्रतिशत मतदान हुआ, इसके बाद हुगली जिले में 20.16 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने बताया कि नदिया में 18.5 प्रतिशत मतदान हुआ, इसके बाद उत्तर 24 परगना (17.81 प्रतिशत), कोलकाता उत्तर (17.28 प्रतिशत), दक्षिण 24 परगना (17.25 प्रतिशत) और कोलकाता दक्षिण (16.81 प्रतिशत) में मतदान हुआ। मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया तथा कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों में मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की कतारें लगी दिखीं। इस चरण के मतदान में कुल 3,21,73,837 मतदाता मतदान करने के पात्र हैं, जिनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान 41,001 केंद्रों पर हो रहा है, जिनका वेबकास्टिंग के माध्यम से प्रसारण किया जा रहा है।
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भवानीपुर पर सबकी नजर
यह चरण न केवल राज्य के दक्षिणी जिलों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की असली परीक्षा है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के लिए सत्ता के दरवाजे खोलने का निर्णायक मौका भी साबित हो सकता है। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान के मतदान केंद्रों के बाहर सुबह सात बजे से मतदाताओं की लंबी कतारें लग गईं। पहले चरण में जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ को बरकरार रखने की कोशिश की, वहीं अंतिम चरण में मुकाबला तृणमूल के सबसे मजबूत गढ़ में है। सत्तारूढ़ पार्टी ने 2021 में इन 142 सीट में से 123 पर जीत हासिल की थी जबकि भाजपा को केवल 18 और इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) को एक सीट मिली थी। यह गणित बताता है कि भाजपा इस चरण को अपनी असली परीक्षा क्यों मान रही है। दक्षिण बंगाल में पैठ बनाए बिना, राज्य में सत्ता हासिल करने का रास्ता बहुत कठिन है। इस चुनावी मुकाबले का केंद्र मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ भवानीपुर है। यहां उनका सामना विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से हो रहा है। इस चरण में 1.57 करोड़ महिलाओं और 792 ट्रांसजेंडर समेत कुल 3.21 करोड़ पात्र मतदाता हैं। मतदान 41,001 केंद्रों पर हो रहा है, जिनकी वेबकास्टिंग के माध्यम से निगरानी की जा रही है। निर्वाचन आयोग ने सात जिलों में केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की हैं, जिनमें कोलकाता में सबसे अधिक 273 कंपनियां तैनात हैं। इसके अलावा, 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं, जबकि मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को हुए मतदान में 93.19 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था, जो राज्य में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। दोनों खेमों ने इसे लेकर अलग-अलग दावे किए हैं। भाजपा इसे सत्ता-विरोधी लहर का संकेत मानती है, जबकि तृणमूल का दावा है कि यह बनर्जी की कल्याणकारी नीतियों के प्रति समर्थन है।
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गश्त करते नजर आए अजय पाल शर्मा
वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी अजय पाल शर्मा सुबह से दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा इलाके में काफिले के साथ गश्त करते नजर आए। डायमंड हार्बर और फाल्टा में केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं।
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मतदान के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के शुरूआती घंटों में बुधवार को राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार चापड़ा, शांतिपुर, निमतला और भांगड़ समेत कई स्थानों से हिंसा और तोड़फोड़ की शिकायतें मिली हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने आरोप लगाया कि नदिया जिले के चापड़ा में बूथ संख्या 53 पर भाजपा के एक पोलिंग एजेंट पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बदमाशों ने हमला किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल व्यक्ति की पहचान मुशर्रफ मीर के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा प्रत्याशी सैकत सरकार ने कहा कि यह घटना मतदान का अभ्यास (मॉक पोल) शुरू होने के बाद हुई। उन्होंने कहा, तृणमूल समर्थकों ने भाजपा एजेंट को रोका और उसके सिर पर वार किया, जिससे वह घायल हो गया। इस संबंध में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, हालांकि तृणमूल ने आरोपों से इनकार किया है। घायल व्यक्ति ने बताया कि 15-16 तृणमूल समर्थक उसकी ओर दौड़े, जिनमें एक व्यक्ति के पास बंदूक थी। उसने कहा कि उस पर लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने बताया कि शांतिपुर में वार्ड संख्या 16 स्थित भाजपा के कैंप कार्यालय में बुधवार सुबह तोड़फोड़ की गई। वहां फर्नीचर तोड़ दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में आरोप लगे कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के एक एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया, जिससे अशांति फैल गई। आईएसएफ नेता अराबुल इस्लाम ने दावा किया, एजेंटों के फॉर्म छीने जा रहे हैं और उन्हें बाहर निकाला जा रहा है... महिलाओं को वोट नहीं डालने दिया जा रहा। हमने एजेंट इसलिए तैनात किए ताकि सभी वोट डाल सकें।
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ममता के भाई को चेतावनी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, हमने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त हो तथा सभी लोग मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें। इस बीच, पुलिस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी और तृणमूल कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी, जो एक मतदान केंद्र के पास एकत्र हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि एक स्थान पर चार से अधिक लोगों के जुटने की अनुमति नहीं है।





