जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा सप्लाई पर साफ दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाज फंसने से हालात गंभीर बने हुए हैं। इसी बीच खबर आई है चार देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को सीक्रेट मैसेज भेजा है। इसके अनुसार अमेरिका तब तक हमले न रोके जब तक वह ईरान पर पूरी तरह कब्जा न क ले। वहीं अमेरिका ने भी होर्मुज पर जल्द कब्जा करने की रणनीति बना ली है।
फंस गए हैं 19 जहाज
मीडिया खबरों में कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत के लिए जरूरी ईंधन लेकर आ रहे 19 जहाज फंस गए हैं। वहां मौजूदा समय में विभिन्न देशों के लगभग 50 जहाज फंसे बताए जा रहे हैं। इन जहाजों में कच्चा तेल और एलपीजी जैसे अहम संसाधन शामिल हैं। हालात को देखते हुए सरकार ने स्थिति पर कड़ी नजर बना रखी है। भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति से भारत में ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। ये सभी जहाज जरूरी ऊर्जा संसाधन लेकर आ रहे हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव
दूसरी ओर सऊदी अरब और यूएई के नेतृत्व में अमेरिका के खाड़ी सहयोगियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान के खिलाफ जंग जारी रखने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के अनुसार खाड़ी देशों का तर्क है कि एक महीने के हवाई हमलों के बावजूद तेहरान का धार्मिक शासन अभी पूरी तरह पंगु नहीं हुआ है। सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन ने निजी बातचीत में कहा कि वे तब तक सैन्य आपरेशन नहीं रोकना चाहते, जब तक कि ईरानी नेतृत्व में बड़ा बदलाव न हो जाए। बता दें कि चार देशों ने ऐसे समय में सीक्रेट मैसेज भेजा है जब ट्रंप खुद युद्ध को बढ़ाने या समझौते के बीच दुविधा में हैं। रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब और यूएई ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ाने की मांग करने में सबसे आगे हैं। ये देश ट्रंप पर जमीनी हमले का आदेश देने के लिए जोर डाल रहे हैं। कुवैत और बहरीन भी इस विकल्प के पक्ष में हैं। ये सभी देश चाहते हैं कि अमेरिका तब तक हमले न रोके जब तक ईरान की सत्ता न बदल जाए।
ट्रंप की एक बड़ी रणनीति सामने आई
चार देशों की मांग के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक बड़ी रणनीति सामने आई है। अब ट्रंप प्रशासन होर्मुज की खाड़ी पर अपना नियंत्रण वापस लेने की तैयारी कर रहा है। इस बात की जानकारी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दी। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में बेसेंट ने कहा कि जल्द ही या तो अमेरिकी या कई देशों के संयुक्त जहाजों के जरिए अमेरिका का नियंत्रण होर्मुज जलडमरूमध्य पर होगा। बेसेंट ने आगे बताया कि फिलहाल कुछ देश ईरान के साथ समझौते करके अपने जहाजों को जलडमरूमध्य पार करा रहे हैं। यह अस्थाई व्यवस्था है। इसे ज्यादा दिनों तक जारी नहीं रखा जा सकता है। हम इस क्षेत्र में एक स्थाई व्यवस्था बनाने के पक्ष में हैं। यह तभी संभव हो पाएगा जब इस क्षेत्र पर पूरी तरह अमेरिका का कब्जा होगा। उन्होंने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि बाजार में तेल की आपूर्ति अच्छी है। रोजाना कई जहाज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। अंतत: अमेरिका इस रास्ते पर फिर से नियंत्रण स्थापित करेगा। बता दें कि बेसेंट का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब होर्मुज को लेकर वैश्विक चिंता सातवें आसमान पर पहुंच गई है। इसका कारण है कि होर्मुज दुनिया के तेल प्रवाह का एक अहम मार्ग है। यह लगभग विश्व के एक पांचवें हिस्से के तेल के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यह योजना वैश्विक समुद्री और तेल बाजारों पर बड़े पैमाने पर असर डाल सकती है। इससे आने वाले दिनों में तेल और गैस का संकट गहरा सकता है।





