ईरान पर बंकर बस्टर बमों से हमला,जंग और तेज, भारतीय जहाज भी फंसे

जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। अमेरिका ने होर्मुज के समुद्री रास्ते को खुलवाने के लिए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया है। इससे दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर खतरे के नए बादल मंडराने लगे हैं। पता चला है कि इस क्षेत्र में भारत का जहाज फंस गया है। इसमें 3 लाख मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है।
बासिज फोर्स के कमांडर का बयान

ईरान ने मंगलवार की देर रात बासिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी और अली लारीजानी की मौत की पुष्टि कर दी। ईरानी सरकारी मीडिया ने यह खबर दी है। लारीजानी के मारे जाने के बाद पश्चिम एशिया पर संकट और भी गहरा सकता है। बता दें कि दोनों नेताओं को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कार्रवाई में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता था। इनकी मौत ऐसे समय में हुई है जब ईरान भीषण युद्ध का सामना कर रहा है। दूसरी ओर अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए सुनिश्चित करने के लिए मिशन की शुरुआत कर दी है। कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के तट पर स्थित मिसाइल ठिकानों पर हमला किया है। मिडिल ईस्ट में अभियानों का संचालन करने वाले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी जानकारी दी है। एक्स पर एक पोस्ट में सेंट्रल कमांड ने लिखा कि उसने ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5000 पाउंड के बंकर बस्टर बम गिराए हैं। पोस्ट में आगे लिखा गया है कि जिन ठिकानों पर बम बरसाए गए हैं वहां मौजूद ईरान की जहाज रोधी क्रूज मिसाइलों से होर्मुज स्ट्रेट में होने वाली अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को खतरा था।
अमेरिकी हमलों का जवाब देगा ईरान

दूसरी ओर ईरान ने भी अमेरिकी हमलों का जवाब देने का मन बना लिया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करके यहां से होने वाले ऊर्जा व्यापार को रोकने की कोशिश तेज कर दी है। बता दें कि ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच से होने वाले इस संकरे समुद्री गलियारे से दुनिया का 20 फीसदी ऊर्जा निर्यात गुजरता है। भारत की भी ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है। इस बीच रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज में ईरान की आॅपरेशन चलाने की क्षमता युद्ध को शायद महीनों तक लंबा खींच सकती है। बता दें कि ईरान ने इसके पहले कहा था कि उसने होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं किया है। अमेरिका-इजरायल को छोड़कर किसी जहाज के लिए खतरा नहीं है। अब नए हमलों के डर से जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से बच रहे हैं। सेटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि होर्मुज स्ट्रेट के बाहर कई जहाज इंतजार कर रहे हैं, ताकि संभावित हमलों से बचा जा सके।
देशभर में एलपीजी का संकट

बता दें कि भारत से ईरान की बातचीत पूरी हो चुकी थी। होर्मुज से भारतीय जहाजों को गुजरने देने पर सहमति भी बन चकी थी। अब नए हमलों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इन दिनों देशभर में एलपीजी का संकट चल रहा है। ऐसे में भारत की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बता दें कि इस क्षेत्र में भारत का करीब 3 लाख मीट्रिक टन लिक्विड पेट्रोलियम गैस से भरा जहाज इस वक्त स्ट्रेट आफ होर्मुज में फंसा हुआ है। मिनिस्ट्री आफ शिपिंग के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। उनके अनुसार शिपिंग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में इस क्षेत्र में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे  हुए हैं। इनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 क्रूड आयल टैंकर, 1 केमिकल प्रोडक्ट्स कैरियर, 3 कंटेनर जहाज और 2 बल्क कैरियर शामिल हैं। सिन्हा ने बताया कि एक बड़े जहाज  में लगभग 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी ले जाई जा सकती है। इस बीच, दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर शिवालिक और नंदा देवी 14 मार्च को सुरक्षित रूप से स्ट्रेट आफ होर्मुज पार कर भारत पहुंच चुके थे। ये जहाज लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आए हैं। वहीं जग लाड़की नाम का एक क्रूड आॅयल टैंकर भी संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से 81,000 मीट्रिक टन क्रूड आयल लेकर सुरक्षित रूप से भारत की ओर रवाना हो चुका है।