जामिया मिल्लिया इस्लामिया का वायरल नोटिफिकेशन फेक, फर्जी नोटिफिकेशन पर यूनिवर्सिटी ने दिल्ली पुलिस को दी शिकायत

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय का नोटिफिकेशन वायरल हो रहा है। नोटिफिकेशन में यह दावा किया जा रहा है कि यदि रमजान माह में कॉलेज कैंपस में कोई भी लड़का या लड़की एक साथ खड़ा दिखाई दिया तो उनका निकाह करा दिया जाएगा। अब इस संबंध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया। परिपत्र सोशल मीडिया पर वायरल नोटिफिकेशन का खंड़न करता है। विश्वविद्यालय ने नोटिफिकेशन में कहा है कि 20 फरवरी की कथित सूचना "पूरी तरह से फर्जी" है और उसके अधिकारियों द्वारा ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। आधिकारिक बयान के अनुसार प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों से संदेश को गंभीरता से न लेने का आग्रह किया है, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि इसका उद्देश्य संस्थान की छवि को धूमिल करना है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि फर्जी नोटिस के प्रसार के संबंध में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

वायरल लेटर में है क्या?
सोशल मीडिया पर वायरल इस सर्कुलर में जामिया के रजिस्ट्रार ऑफिस का हवाला देते हुए लिखा है कि रमजान जैसे पाक महीने के दौरान लड़का और लड़की का एक साथ खड़े होना सख्त मनाही है। सर्कुलर में छात्रों से अपील की गई है कि यूनिवर्सिटी की गरिमा बनाए रखें और गैर जरूरी करीबी से बचें। इतना हीनहीं, लेटर में एक नोट लिखा है जिसमें यह भी लिखा है कि नियम उल्लंघन करने वाले कपल को खुद ही अपने वलीमा दावत का इंतजाम करना होगा।

सोशल मीडिया पर नोटिफिकेशन की एवज में आ गई थी मीम की बाढ़
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की फर्जी नोटिफिकेशन पर कंटेट क्रिएटर्स ने कई मीम बना दिए। कोई दावा कर रहा था कि यूनिवर्सिटी इस्लाम को पूरी तरह से फॉलो कर रहा है वहीं कुछ यूजर्स ने इसकी आलोचना भी की। नोटिफिकेशन पर कंमेंट्स भी भर- भर कर आए।