वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध में इजराइल की रक्षा करते हुए मिसाइल रोधी अपनी उन्नत रक्षा प्रणाली थाड के कुल भंडार का लगभग आधा हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है। द वाशिंगटन पोस्ट ने यह खबर दी। द पोस्ट ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका ने इजराइल की रक्षा करते हुए 200 से अधिक टर्मिनल हाई अल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) अवरोधक दागे जो अमेरिका के कुल भंडार का लगभग आधा हिस्सा है। इसके साथ ही पूर्वी भूमध्य सागर में नौसैनिक पोतों से 100 से अधिक स्टैंडर्ड मिसाइल-3 और स्टैंडर्ड मिसाइल-6 अवरोधक दागे गए। द पोस्ट की बृहस्पतिवार की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल ने अपने 100 से कम एरो अवरोधक और लगभग 90 डेविड्स स्लिंग अवरोधक दागे जिनमें से कुछ अवरोधकों का इस्तेमाल यमन और लेबनान में ईरान समर्थित समूहों द्वारा दागे गए कम उन्नत प्रक्षेपास्त्रों के खिलाफ किया गया।
28 फरवरी को किया हमला
अमेरिका और इजराइल ने ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर 28 फरवरी को हमले करते हुए उसके साथ युद्ध शुरू किया था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई समेत उसके कई अहम नेताओं की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने भी पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगियों पर हमले किए। दोनों पक्षों के बीच आठ अप्रैल को अस्थायी संघर्षविराम लागू हुआ। इसके बाद से अमेरिका और ईरान चार दशक से अधिक समय से जारी शत्रुता को समाप्त करने के लिए शांति समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, अमेरिका ने कुल लगभग 120 अधिक अवरोधक दागे। एक प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के अनुसार अमेरिका और इजराइल आगामी दिनों में ईरान के खिलाफ फिर से हमले शुरू करते हैं तो अमेरिकी सेना द्वारा और अधिक अवरोधकों का इस्तेमाल किए जाने की संभावना है क्योंकि इजराइली सेना ने हाल में अपनी कुछ मिसाइल-रक्षा बैटरियों को रखरखाव के लिए बंद करने का फैसला किया है। अधिकारी ने कहा, अगर हमले फिर शुरू होते हैं तो यह असंतुलन और बढ़ सकता है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने एक बयान जारी कर इजराइल और अमेरिका के बीच इस्तेमाल किए गए सैन्य संसाधनों के संतुलन का बचाव किया।
दोनों ने देशों ने रक्षा का बोझ समान रूप से उठाया
पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने द पोस्ट से कहा, आॅपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान इजराइल और अमेरिका, दोनों ने रक्षा का बोझ समान रूप से उठाया। इस अभियान में दोनों देशों ने लड़ाकू विमानों, मानव रहित विमान-रोधी प्रणालियों और अन्य विभिन्न उन्नत हवाई एवं मिसाइल-रक्षा क्षमताओं का अधिकतम प्रभावशीलता के साथ इस्तेमाल किया। इजराइली सरकार ने भी इस दृष्टिकोण का बचाव किया। वाशिंगटन में इजराइली दूतावास ने एक बयान में कहा, आॅपरेशन रोरिंग लॉयन और एपिक फ्यूरी में दोनों देशों और उनके सहयोगियों के हित में उच्चतम और निकटतम स्तर पर समन्वय किया गया।





