जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। दिल्ली हाईकोर्ट ने आज जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को तीन दिन की अंतरिम जमानत दी है। उमर फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों की साजिश के तहत यूएपीए के तहत एक मामले में तभी से जेल में बंद है। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने उसकी अपील पर सुनवाई करते हुए एक जून से तीन जून तक रिहा होने की इजारत दी है ताकि वह अपनी मां से मिल सके जिनकी सर्जरी होनी है। बेंच ने उसकी अपील पर सुनवाई करते हुए उमर खालिद को एक जून से तीन जून तक रिहा होने की इजाजत दे दी। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पांच फरवरी को खालिद की रेगुलर जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने हमदर्दी भरा नजरिया अपनाते हुए उसे यह राहत दी है। कोर्ट ने उमर को एक लाख रुपये के निजी मुचलका भरने के साथ ही तीन अन्य शर्तें लगाकर अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि खालिद अंतरिम रिहाई की इस अवधि के दौरान एनसीआर में ही रहेगा। वह अपने घर पर ही रुकेगा और सिर्फ अस्पताल जाएगा।

बता दें कि उमर खालिद ने अदालत के 19 मई के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उसकी अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने उमर की अपील पर राहत देते हुए कहा कि उमर को पहले भी पारिवारिक समारोहों के लिए कई बार अंतरिम जमानत दी जा चुकी है। उसने जमानत की सभी शर्तों का पालन किया है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि उमर खालिद इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता में से एक है, लेकिन फिर भी उनकी मां की मेडिकल हालत और तय सर्जरी को देखते हुए हमदर्दी भरा नजरिया अपनाना सही समझा।
गौरतलब है कि उमर ने उत्तर पूर्वी इलाकों में फरवरी 2020 के दंगों के पीछे बड़ी साजिश के संबंध में यूएपीए के तहत दर्ज एक मामले में यह याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर 22 मई से 5 जून की अंतरिम जमानत मांगी थी। लेकिन, हाईकोर्ट ने सिर्फतीन दिन की अंतरिम जमानत मंजूर की।

बताते चलें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में सीएए और एनआरसी विरोध प्रदर्शन के दौरान साम्प्रदायिक दंगे भड़क गए थे। इन दंगों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक होने के आरोप के कारण उमर खालिद पर गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था। इन दंगों में 53 लोग मारे गए थे जबकि 700 से अधिक घायल हो गए थे। सामाजिक कार्यकर्ता शरजील इमाम, खालिद सैफी और आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित अन्य लोगों पर भी इस बड़े षड़यंत्र मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।जिसकी जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशनल सेल कर रही है।





