जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। अपने दिल के टुकड़े को ढूंढते-ढंूढते आंखों की रोशनी धुंधली हो चुकी थी। परिवार को मासूम के आने की कोई भी संभावना दूर-दूर तक नहीं थी। होली के आगमन की खुशी में बच्चे की याद मां को कसोट रही थी। अचानक जैसे ईश्वर ने कोई करिश्मा कर दिया। पांच साल से लापता बेटा अचानक से मां के आंखों सामने था। पहले तो मां को सपना लगा लेकिन बार-बार पलक झपकाकर देखा तो सपना नहीं हकीकत था। मां की सूख चुकी आंखें ऐसी भर आर्इं जैसे सूखी नदी में बाढ़ आ गई हो।

दरअसल, 25 फरवरी को किशोर को चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने पुलिस की मदद से मुक्त कराया था और किशोर के घरवालों से संपर्क किया। घरवालों से संपर्क होने के बाद उन्हें फोटो भेजे गए और बताया गया कि उनका बेटा मिल गया है और जिले में आने के लिए कहा गया। सोमवार रात को किशोर की मां रंजनी, पिता ओमप्रकाश निवासी पीर गादी पश्चिम विहार थाना नरेला दिल्ली, नाना बलदेव निवासी आर 448 नरेला दिल्ली आए और मंगलवार सुबह सभी लोग चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में मां ने बेटे को देखते ही गले लगा लिया और दोनों मिलकर खूब रोए।
मां ने बताया कि 22 दिसंबर को बेटा अचानक से लापता हो गया था। इस बाबत 24 दिसंबर को थाना नरेला में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। बेटे को पाने के बाद वह काफी खुश हैं और चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी ज्योति शर्मा, पर्यवेक्षक श्रीवास्तव, केस वर्कर सूर्य प्रताप, संस्था से-कैट अध्यक्ष विवेक सिंह, जिला कोऑर्डिनेटर अंशवर्ष कुमार राय का आभार जताया। सभी ने मिलकर बच्चों को खुशी-खुशी घरवालों के साथ रवाना किया।

मां ने दिल्ली पुलिस पर लगाया आरोप
मां ने बताया कि उनका बेटा लापता हुआ। इसके बाद वह शिकायत करने दिल्ली के थाना नरेला पुलिस के पास पहुंची। दो दिन बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की और उसके बाद कोई भी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि वह बेटे की जानकारी लेने जब भी जाती थी पुलिस से एक ही जवाब मिलता था आप भी बच्चे को खोजो पुलिस उसे खोजने का काम कर रही है। इसके बाद उन्हें बच्चे के मिलने की कोई भी उम्मीद नहीं बची थी।





