जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। छात्रों और युवाओं को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। नीट पेपर लीक मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि यूजीसी नेट परीक्षा में भी गड़बड़ी सामने आई है। इसको लेकर एनटीए ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर रद कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर झारखंड में परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चल रहा आंदोलन तेज हो गया है।
एनटीए पर सवाल
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराने वाली एजेंसी एनटीए सवालों और विवादों के घेरे से निकल नहीं पा रही है। नीट पेपर लीक के बाद एजेंसी फिर अपनी किरकिरी करा रही है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। नोटिफिकेशन के अनुसार तीनों विषयों की परीक्षा की नई तारीखें सामने आ गई हैं। 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक अंग्रेजी का पेपर होगा। इसी तरह 9 सितंबर को दूसरी पाली यानी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक कॉमर्स विषय की परीक्षा होगा। वहीं 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक समाजशास्त्र की परीक्षा आयोजित की जाएगी। । एनटीए की ओर से इन विषयों की पुनर्परीक्षा की शेड्यूल जारी किया है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र, शहर और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी अलग से आधिकारिक वेबसाइट पर दी जाएगी।
प्रश्नपत्रों में कई तरह की खामियां
एनटीए ने अपने बयान में कहा कि इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर खामियां सामने आई थीं। इसलिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है। दोबारा परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। बता दें कि यूजीसी नेट 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून 2026 के बीच 87 विषयों के लिए आयोजित हुईथी। यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फेलोशिप यानी जेआरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी। एनटीए ने बयान जारी करते हुए कहा कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में गलतियों को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद एनटीए ने एक समिति बनाकर इन प्रश्नपत्रों की जांच कराई। जांच में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां मिलीं। मशहूर विद्वानों के नाम गलत लिखे गए थे। किताबों के शीर्षक भी गलत थे। सवालों की भाषा में कमियां मिलीं। व्याकरण, लिंग और वचन से जुड़ी गलतियां भी सामने आईं। इसके अलावा स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। पहले पूछे जा चुके कई सवालों को दोबारा शामिल किए जाने की बात भी सामने आई। एनटीए ने कहा कि इतनी बड़ी गलतियों को केवल चैलेंज प्रोसेस के बाद सवाल हटाकर ठीक नहीं किया जा सकता। इसलिए एनटीए ने फैसला किया है कि इन तीन पेपरों को दोबारा आयोजित किया जाएगा
क्लर्क भर्ती परिणाम का विरोध
इसी तरह महाराष्ट्र में बॉम्बे हाई कोर्ट की क्लर्क भर्ती के लिए आयोजित टाइपिंग परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियों और सर्वर की समस्या का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर में प्रदर्शन किया। इसमें सीजेपी के संयोजक अभिजीत दिपके भी शामिल हुए। अभ्यर्थियों ने दावा किया कि कंप्यूटर, कीबोर्ड और सर्वर में खराबी के कारण वे परीक्षा ठीक से नहीं दे सके। बिना उनकी गलती के उन्हें फेल घोषित कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है।
झारखंड में छात्र आंदोलन होगा तेज
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन आज 24वें दिन भी जारी है। सीबीआई जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर अब तक ठोस पहल नहीं होने से आंदोलनकारी छात्रों में राज्य सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में छात्रों ने रविवार शाम रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंके। इस दौरान छात्रों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में भी पुतला दहन का कार्यक्रम रखा गया था। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से आंदोलनकारी अब आर-पार की लड़ाई की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। छात्र नेताओं ने यह भी घोषणा की है कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने इसमें बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल होने का दावा किया है और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। सबसे बड़ी बात यह हैकि इस आंदोलन में अब छात्रों के साथ उनके परिजन भी जुड़ने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।





