जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। खगोल प्रेमियों के साथ आम लोगों के लिए भी आज रात का नजारा बेहद खास होगा। आसमान में आपको ग्रहों की ऐसी परेड दिखाई देगी जिसे देखने से अगर चूक गए तो सालों इंतजार करना होगा।
17 अगस्त का दिन कई मायनों में खास
आज 17 अगस्त का दिन कई मायनों में खास है। देशभर में आज आज सावन के तीसरे सोमवार के साथ नाग पंचमी एक साथ मनाई जा रही है। उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रात 12 बजे खुल गए, यहां साल में सिर्फ 24 घंटे दर्शन होते हैं। वहीं जम्मू में बूढ़ा अमरनाथ यात्रा भी आज से शुरू हो रही है। बता दें कि सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं नाग पंचमी का संबंध भी भगवान शिव से माना जाता है, क्योंकि उनके गले में नाग विराजमान हैं। ऐसे में इस दिन शिव पूजा के साथ नाग देवता का स्मरण और पूजन करना भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। दूसरी ओर आज शाम से लेकर कल सुबह तक आसमान में कई अद्भुत और खूबसूरत दृश्य दिखाई देंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे देश के अधिकतर हिस्सों में नग्न आंखों से देखा जा सकेगा।
पश्चिम में चंद्रमा और शुक्र का त्रिकोण
वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्यास्त के तुरंत बाद आसमान के पश्चिम में चंद्रमा और शुक्र के त्रिकोण के बेहद खूबसूरत नजारे दिखाई देंगे। यानी सौरमंडल का सबसे चमकीला ग्रह शुक्र और स्पाइका यानी चित्रा तारा एक साथ मिलकर सुंदर कतार बनाते हुए दिखाई देंगे। बता दें कि ये तीनों पिंड 16 अगस्त को एक-दूसरे के बेहद करीब आए गए थे। अब 17 अगस्त की शाम को इनकी चमक और आपसी तालमेल देखने लायक होगा। खगोल वैज्ञानिकों का मानना है कि सूर्यास्त के ठीक बाद शाम 7 बजकर 15 मिनट से रात 8 बजकर 30 मिनट के बीच इस नजारे को देखने का सबसे अच्छा समय होगा।
पूर्वी आसमान में हलचल
वैज्ञानिकों के अनुसार 18 अगस्त की सुबह भी पूर्वी आसमान में हलचल रहेगी। लाल ग्रह मंगल इस दौरान मिथुन तारामंडल के दो तारों, ईटा और म्यू जेमिनोरम के बेहद करीब यानी लगभग 1 डिग्री की दूरी पर पहुंच जाएगा। इसके ठीक नीचे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति और बुध भी अपनी चमक बिखेरते नजर आएंगे। सुबह 4 बजे से 5 बजकर 15 मिनट के बीच इन ग्रहों को पूर्वी क्षितिज पर साफ देखा जा सकेगा।





