नोएडा संवाददाता। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अक्टूबर से शुरू होने वाले एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी की समस्या भी दूर हो गई। अब एयरपोर्ट से छह रोड जुड़ जाएंगे। इससे रैपिड रेल, मेट्रो और पॉड टैक्सी से एयरपोर्ट पहुंचा जा सकेगा। वहीं दिल्ली और मुंबई के लिए भी एयरपोर्ट से सीधा परिवहन हो सकेगा। यमुना प्राधिकरण और एनएचआई के अधिकारियों के बीच सहमति बनी है।
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रैपिड रेल, मेट्रो और पॉड टैक्सी की सुविधा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेस का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अक्टूबर से यात्री सेवाओं की शुरूआत भी हो जाएगी। इसको लेकर एयरपोर्ट से सड़क कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पर काम तेज हो गया है। एयरपोर्ट को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के लिए 31 किलोमीटर लंबा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे बनाया जा रहा है। यह बल्लभगढ़ में एक्सप्रेस-वे को कनेक्ट करेगा। इसको पूरा करने में बाधा आ रही थी जिसको दूर करने के लिए यमुना प्राधिकरण और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचआई के वरिष्ठ मेंबरों के बीच बैठक हुई। बैठक में सड़कों को आपस में जोड़ने की राह में आ रही बाधाओं को दूर कर लिया गया।
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दिल्ली और मुंबई के लिए भी परिवहन

इस बारे में यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने हमारे संवाददाता कैलाश चन्द्र को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 31 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण का काम एनएचआई कर रहा है। इसके साथ ही एक्सप्रेस वे को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए साढ़े सात सौ मीटर की रोड बननी है, लेकिन रास्ते आ रहा एक बड़ा तालाब और अतिक्रमण इसमें बाधा बना हुआ था। तालाब के कारण दयानतपुर में सड़क को एलिवेटेड बनाने का फैसला किया गया है। रोड की बढ़ी लागत को अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण वहन करेगा। जून तक सड़क के चार लेन बनकर तैयार हो जाएंगे। वहीं बाकी चार लेन 15 अगस्त तक शुरू हो जाएंगे। बता दें कि रोड निर्माण में तालाब के अलावा गौतमबुद्ध नगर में अमरपुर पलाका व फलैदा बांगर गांव में बाधा आ रही थी। एक्सप्रेस-वे वन विभाग की जमीन से होकर गुजर रहा है। इस जमीन के पट्टे होने के कारण कब्जा मिलने में अड़चन आ रही थी। यमुना प्राधिकरण, एनएचएआई और जिला प्रशासन के अधिकारियों के मौजूदगी में 2.4 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा दिलाने की बाधा को दूर किया गया।
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प्राधिकरण और एनएचआई में सहमति

यमुना प्राधिकरण सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने आगे बताया कि एयरपोर्ट के उत्तर व पूर्व में तीस मीटर चौड़ी सड़क निर्माण का काम एनएचएआई करेगा। 8.2 किमी लंबी सड़क के निर्माण में 63 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आठ माह में सड़क का निर्माण पूरा हो जाएगा। इससे न केवल दिल्ली एनसीआर के कई शहर एयरपोर्ट से जुड़ जाएंगे बल्कि मुंबई और दिल्ली आने-जाने का रास्ता सुगम हो जाएगा। एयरपोर्ट से छह रोड जुड़ जाएंगे। इनमें से एक रैपिड रेल कम मेट्रो रेल कनेक्टिविटी, और एक पॉड टैक्सी से जोड़ा जाएगा। डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि रैपिड रेल कम मेट्रो रेल की डीपीआर अप्रूव हो चुकी है। फंडिंग पैटर्न के लिए संस्तुति उत्तर प्रदेश प्रशासन को भेजी गई है। बता दें कि पॉड टैक्सी और मोनो रेल के लिए स्टडी चल रही है। इस कार्य को पूरा होने में डेढ़ से 2 साल लग जाएंगे।





