मेघालय के पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में आगजनी और लूटपाट के बाद तनाव, कर्फ्यू जारी

जनप्रवाद ब्यूरो टीम। मेघालय के पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में रातभर हुई आगजनी और लूटपाट की घटनाओं के बाद बृहस्पतिवार सुबह हालात तनावपूर्ण बने रहे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तुरा शहर के कई इलाकों में निवासियों ने अपने मोहल्लों की सुरक्षा के लिए पूरी रात पहरा दिया, क्योंकि लूटपाट, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, शरारती तत्वों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में दुकानों सहित कई संपत्तियों में लूटपाट और तोड़फोड़ की तथा उन्हें आग के हवाले कर दिया। इसके बाद लोगों ने खुद को संगठित कर अपने इलाकों की सुरक्षा के लिए निगरानी शुरू कर दी ताकि आगे नुकसान न हो। हमले का शिकार हुए प्रतिष्ठानों में तुरा में स्थित एक शराब की दुकान भी शामिल है, जो कथित तौर पर मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा के एक परिजन की बताई जाती है। बुधवार रात असामाजिक तत्वों ने इस दुकान में लूटपाट की। सूत्रों के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने स्थिति का फायदा उठाते हुए रिहायशी इलाकों में घुसकर गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की। इसे देखते हुए शहर के कई हिस्सों के लोगों ने स्वेच्छा से रातभर पहरा देकर अपने घरों, व्यवसायों और मोहल्लों की सुरक्षा की।
नेताओं ने शुरू की शांति की पहल

अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सामुदायिक प्रतिनिधियों और चर्च नेताओं ने पहल शुरू की है। पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में हिंसा उस समय भड़क उठी जब गारो पर्वतीय स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) के चुनाव को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारी चुनाव में गैर-गारो समुदायों की नामांकन प्रक्रिया में भागीदारी का विरोध कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को चिबिनांग क्षेत्र में झड़पों के दौरान पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए की गई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अशांति के कारण गारो पर्वतीय क्षेत्र के कई हिस्सों में आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी हुईं। हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों के साथ सेना की पांच टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इनमें से तीन तुरा में और दो चिबिनांग में तैनात की गई हैं। हिंसा के बाद मुख्यमंत्री संगमा ने बुधवार को घोषणा की कि 10 अप्रैल को प्रस्तावित जीएचएडीसी चुनाव को स्थगित कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अफवाहों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने गारो पर्वतीय क्षेत्र के पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी हैं। पश्चिमी गारो पर्वतीय जिले में कर्फ्यू लागू है और इसे बृहस्पतिवार आधी रात तक बढ़ा दिया गया है। जिले के उपायुक्त वी अग्रवाल ने ह्यपीटीआई-भाषाह्ण को बताया कि कर्फ्यू 13 मार्च की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि गारो पर्वतीय क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इस बीच पड़ोसी पूर्वी गारो पर्वतीय जिले में प्रशासन ने बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक कर्फ्यू में ढील दी, ताकि लोग आवश्यक वस्तुएं खरीद सकें।
सीएम ने हिंसा प्रभावित तुरा का दौरा किया

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और उनकी पत्नी एवं विधायक मेहताब चांदी ए. संगमा ने बृहस्पतिवार को हिंसा प्रभावित तुरा कस्बे के कई इलाकों का दौरा किया और निवासियों से मुलाकात की तथा जमीनी स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब पश्चिम गारो हिल्स जिले के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लागू है। गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर मोबाइल इंटरनेट बंद है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक वीडियो में संगमा और उनकी पत्नी तुरा के विभिन्न इलाकों में निवासियों से बातचीत करते दिख रहे हैं और निवासियों को आश्वासन दे रहे हैं कि सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने और जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने पश्चिम गारो हिल्स के उपायुक्त वी अग्रवाल से भी मुलाकात की जिन्होंने उन्हें अशांति के दौरान हुई आगजनी और दुकानों पर हमलों की घटनाओं एवं जिले में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने तुरा में सेना और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के अभियानों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की और शांति बहाल करने में प्रशासन की सहायता करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। अधिकारियों ने बताया कि संभावित हमलों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को संगमा को तुरा स्थित उनके आवास से जाने की सलाह दी थी लेकिन मुख्यमंत्री ने वहीं रहने का विकल्प चुना। संगमा ने अपने एक वीडियो बयान में कहा कि धमकियों के बावजूद वह तुरा में ही रहेंगे और खुद को तुरा की धरती का बेटा बताया। हिंसा के बाद मुख्यमंत्री संगमा ने बुधवार को घोषणा की कि 10 अप्रैल को प्रस्तावित जीएचएडीसी चुनाव को स्थगित कर दिया गया है।