नासा की डरावनी चेतावनी, हमला कर सकते हैं एस्टेरॉयड

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने डरावनी चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार अंतरिक्ष में 10-20 नहीं बल्कि 15,000 सिटी-किलर एस्टेरॉयड छिपे हैं। ये कभी भी धरती पर हमला कर सकते हैं। नासा ने इनके धरती से टकराने की गंभीर चेतावनी जारी की है। सबसे बड़ी बात यह है कि नासा समेत दुनिया की अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों के पास इतने एयरक्राफ्ट नहीं हैं कि इस खतरे को रोक सके।
आसमान में फिर बढ़ गई है हरकत 

एस्टेरॉयड यानी क्षुद्रग्रह को लेकर अक्सर विज्ञान जगत और मीडिया में खबरें आती रहती हैं। आसमान में एक बार फिर हरकत बढ़ गई है। सिटी किलर यानी किसी भी बड़े शहर को बर्बाद करने की क्षमता वाले राक्षस धरती के आसपास खतरा बनकर मंडरा रहे हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चेतावनी दी है कि हजारों एस्टोरॉयड यानी क्षुद्रग्रह हमारी नजरों से छिपे हुए हैं। ये क्षुद्रग्रह न तो बहुत छोटे हैं और न ही इतने विशाल कि हम इस खतरे का पहले से आकलन कर सकें। अगर ये किसी शहर पर गिरे, तो भारी तबाही मचा सकते हैं। नासा का मानना है कि ये कभी भी धरती से टकरा सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो तबाही मच सकती है। इस बारे में नासा के प्लैनेटरी डिफेंस हेड ने कहा है कि नासा के डिटेक्शन रडार हजारों संभावित विनाशकारी सिटी-किलर एस्टेरॉयड की लोकेशन का पता लगाने में जुटे हैं।
बड़ी तबाही ला सकते हैं एस्टेरॉयड 

फीनिक्स में अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट आफ साइंस कॉन्फ्रेंस में डॉ. केली फास्ट ने कहा कि लगभग 15000 मीडियम साइज के नियर-अर्थ आब्जेक्ट की पहचान जारी है। फास्ट ने आगे कहा कि आबादी वाले इलाके में इनमें से किसी एक आब्जेक्ट के टकराने से इलाके में बड़ी तबाही हो सकती है। अनुमान है कि नियर अर्थ आब्जेक्ट कम से कम 140 मीटर चौड़े हैं। वहीं द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार यह वैज्ञानिकों और दुनिया के लिए चिंता का विषय है। रिपोर्ट के अनुसार इनकी संख्या ज्यादा होने के कारण दुनिया के सबसे अच्छे टेलिस्कोप से भी ढूंढ पाना मुश्किल है।
40 प्रतिशत खतरनाक पिंडों की ही पहचान

वैज्ञानिकों की चिंता इसलिए बढ़ गई है क्योंकि वाई आर 4 नामक एक विशाल एस्टेरॉयड पिछले क्रिसमस पर पृथ्वी के बेहद करीब से गुजर गया। अंतरिक्ष एजेंसियों की अत्याधुनिक प्रणालियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की डॉ. नैन्सी चाबोट ने आगाह किया है कि वर्तमान में दुनिया के पास ऐसी कोई सक्रिय सुरक्षा प्रणाली या तैयार अंतरिक्ष यान नहीं है, जिसे किसी अचानक आए खतरे को रोकने के लिए तुरंत लांच किया जा सके। फिलहाल, नासा केवल 40 प्रतिशत खतरनाक पिंडों की ही पहचान कर पाया है, जबकि शेष 60 प्रतिशत अब भी अंतरिक्ष की गहराई में छिपे हुए हैं।
वैश्विक संकट से निपटने के साधन नहीं

इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए नासा अब नियर-अर्थ आब्जेक्ट सर्वेयर नामक एक नया स्पेस टेलिस्कोप अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य उन अज्ञात और रहस्यमयी एस्टेरॉयड को खोजना है जो मानवता के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तकनीकी निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए ही इन विनाशकारी पिंडों को समय रहते नष्ट किया जा सकता है। आने वाले समय में अंतरिक्ष सुरक्षा नीतियों को मजबूत करना अब मानवता के अस्तित्व के लिए अनिवार्य हो गया है। डॉ. नैन्सी चैबोट के अनुसार अभी हाल ही में एक बड़े क्षुद्रग्रह को नष्ट किया गया था, जो चांद से टकराने वाला था। इसके लिए डबल एस्ट्रॉयड रिडायरेक्शन टेस्ट मिशन लांच किया गया था। इस मिशन का अंतरिक्ष यान डिमॉफोर्स 14000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से एस्टेरॉयड से टकराया था। इससे क्षुद्रग्रह नष्ट हो गया था और चांद को बचा लिया गया था। नैन्सी के अनुसार चिंता की बात यह है कि हमारे पास इतने भारी मात्रा में यान तैयार नहीं है जिसे तुरंत इस्तेमाल किया जा सके।