जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए फरवरी का महीना बेहद खास होने वाला है। इस महीने में आपको उल्काओं की बारिश दिखाई देगी। इसके अलावा सूर्य ग्रहण, क्रिसेंट मून के अद्भुत नजारे दिखाई देंगे। साथ ही फरवरी में चंद्रमा और बुध ग्रह काफी करीब नजर आएंगे।
फरवरी का महीना बहुत ही खास
अंतरिक्ष की रोचक घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए फरवरी का महीना बहुत ही खास होने वाला है। अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें अंतरिक्ष में ग्रहों और तारों की आंख मिचौली, उल्काओं की बरसात और ऐसी ही अन्य घटनाएं देखना पसंद है तो तैयार हो जाइए। फरवरी की शुरुआत से लेकर अंत तक कई खगोलीय घटनाएं इस महीने में होने वाली है। महाशिवरात्रि के बाद 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह कंकण सूर्यग्रहण होगा। यह अमावस्या तिथि को लगेगा। सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले ग्रहण का सूतक आरंभ हो जाता है। बता दें कि साल 2026 का पहला सूर्यग्रहण 17 फरवरी दिन मंगलवार को लगेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य को राहु और केतु ग्रहण लगाते हैं। जबकि, वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो सूर्यग्रहण तब लगता है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच से चंद्रमा आ जाता है। उस समय चंद्रमा की छाया पड़ने से सूर्यग्रहण लगता है। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
अंतरिक्ष में उल्काओं की बारिश
फरवरी के इस वीकेंड पर आपको अंतरिक्ष में उल्काओं की बारिश देखने को मिलेगी। यह 8 फरवरी को अपने चरम पर होगी। इसे अल्फा सेंटॉरिड उल्का बारिश कहा जाता है। देखा जाए तो इसकी शुरुआत हो चुकी है। यह उल्का बारिश 20 फरवरी तक चलने वाली है। चरम पर पहुंचने के बाद यानी 8 फरवरी के आसपास आपको आसमान में प्रति घंटा 6 उल्काएं गिरती हुईं देखने का मौका मिल सकता है। यह सबसे अधिक दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रभावी होगा। वहीं, उत्तरी गोलार्द्ध के दक्षिणी क्षेत्र में भी यह काफी सक्रिय होगा। मध्यरात्रि के बाद इसे देखना सबसे उत्तम समय बताया गया है। सेंटौरस तारामंडल की तरफ यह बारिश देखी जा सकेगी।
काफी करीब दिखाई देंगे चंद्रमा और बुध ग्रह
फरवरी में चंद्रमा और बुध ग्रह काफी करीब दिखाई देंगे। 18 फरवरी को हमारे चांद के पास बुध ग्रह दिखाई देने वाला है। ये दोनों पश्चिम दिशा में क्षितिज के निकट दिखाई देंगे इसलिए इन्हें देखने के लिए खुले क्षितिज वाले स्थान पर जाना होगा। इन्हें सूर्यास्त के बाद लगभग एक से दो घंटे तक देखा जा सकेगा। फरवरी में वर्धमान चंद्रमा भी दिखाई देगा। इसे क्रिसेंट मून भी कहते हैं। यह 19 फरवरी को दिखाई देगा। खास बात यह है कि इसके पास शनि भी दिखाई देने वाला है। दोनों खगोलीय पिंड एकसाथ आने पर एक अद्भुत नजारा अंतरिक्ष में दिखने वाला है।





