जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की वार्ता के बाद युद्ध और भी भीषण होने की संभावना है। जैसे कि इजरायल के पीएम ने एक्स पर पोस्ट के माध्यम से बताया कि उनकी डोनाल्ड ट्रंप से वार्ता हुई और हमले जारी रखने के संकल्प को दोहराया गया। नेतन्याहू ने लिखा कि आज मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात की। राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिकी सेना के साथ मिलकर हमने जो शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं, उनका लाभ उठाकर एक समझौते के माध्यम से युद्ध के लक्ष्यों को पूरा करने का अवसर है। इसी बीच, हम ईरान और लेबनान दोनों जगह हमले जारी रखेंगे। हम उनके मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को नष्ट कर रहे हैं और हिजबुल्लाह को लगातार झटके दे रहे हैं। उन्होंने लिखा कि हमने दो और परमाणु वैज्ञानिकों को ढेर किया है और हमारा अभियान अभी भी जारी है। हम हर परिस्थिति में अपने महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहरीन ने एक मसौदा पेश किया है। इस मसौदे पर फिलहाल वार्ता चल रही है। इसमें सदस्य देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इसमें कहा गया है ईरान तुरंत वाणिज्यिक जहाजों पर अपने सभी हमले रोक दे और जलडमरूमध्य के आसपास कानूनी मार्ग या नेवीगेशन की स्वतंत्रता में बाधा डालने के किसी भी प्रयास को रोके। बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर फंसे जहाजों से कई देश प्रभावित हैं। तेल के साथ ही गैस की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। यही वजह है कि यह मसौदा लाया गया है। अब देखने की बात यह होगी कि इस मसौदे के तहत ईरान क्या कदम उठाता है। चूंकि, होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमले की धमकी देकर ही अमेरिका सहित सभी देशों को बाध्य कर देता है। ईरान का ऐसा मानना है कि वह यहां का रास्ता रोककर वैश्विक समस्या पैदा कर देगा इसके बाद सभी देश मिलकर इस युद्ध को समाप्त करने की बात करेंगे और इस तरह ईरान अपने लक्ष्य को पूरा कर लेगा।





