अब बुलेट ट्रेन का आएगा देसी अवतार, 5 घंटे में पूरी होगी 1000 किलोमीटर की यात्रा 

जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। अब बुलेट ट्रेन का देसी अवतार आने वाला है। यह ट्रेन वंदे भारत से भी ज्यादा रफ्तार वाली होगी। इस प्रोजेक्ट से भारत में चीन-जापान जैसी ट्रेन यात्रा का एहसास होगा। इसके लांच होने के बाद  1000 किलोमीटर की यात्रा को 5 घंटे से भी कम समय में पूरी होगी।

इंडियन रेलवे लिखेगा नया अध्याय


वंदे भारत और तेजस सुपरफास्ट की सफल लांचिंग एवं आॅपरेशन के बाद इंडियन रेलवे अब एक और नया अध्याय लिखने जा रहा है। भारतीय रेल नई ट्रेन डेवलप करने की तैयारी में जुट गई है। इसकी रफ्तार मौजूदा वंदे भारत सेमी हाईस्पीड एक्सप्रेस ट्रेन से भी ज्यादा होगी। इसके लांच होने के बाद दिल्ली से पटना की 1000 किलोमीटर की यात्रा को 5 घंटे से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी। बताया जा रहा है कि स्पीड और सुविधाओं के मामले में नई सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस से दो कदम आगे होगी। नए ट्रेनसेट के एक कोच की कीमत इतनी है कि उस प्राइस में नोएडा जैसे शहर में कई फ्लैट खरीदे जा सकते हैं। बता दें कि हाईस्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है। रेलवे ने 220 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली दो नई ट्रेनें बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है।
इंटीग्रल कोच फैक्ट्री को लिखा था पत्र 

बता दें कि रेलवे बोर्ड ने 23 मार्च 2026 को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री को पत्र लिखकर 2027-28 के कोच प्रोडक्शन प्रोग्राम में दो नए ट्रेन सेट शामिल करने की मंजूरी दी है। हर ट्रेन सेट में 16-16 कोच होंगे। जो ब्रॉड गेज ट्रैक पर चलेंगे। इन ट्रेनों की खास बात यह होगी कि इनमें स्टील बॉडी वाले आधुनिक कोच लगाए जाएंगे। इनकी डिजाइन स्पीड 220 किमी प्रति घंटा रखी गई है। जबकि अधिकतम आॅपरेटिंग स्पीड 200 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे यात्रियों को पहले से कहीं ज्यादा तेज और स्मूथ सफर का अनुभव मिलेगा। इस प्रोजेक्ट की नींव अक्टूबर 2024 में रखी गई थी। जब आईसीएफ ने दो हाई स्पीड ट्रेन सेट के डिजाइन, निर्माण और कमीशनिंग का कॉन्ट्रैक्ट बीईएमएल को दिया था। इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल लागत 866.87 करोड़ रुपये है। इसमें डिजाइन, डेवलपमेंट और टेस्टिंग से जुड़े सभी खर्च शामिल हैं। फिलहाल देशभर में वंदे भारत ट्रेनों की 81 जोड़ी सेवाएं संचालित हो रही हैं। 
भारत की सेमीहाई स्पीड रेल क्षमता में वृद्धि

यह कदम भारत की सेमीहाई स्पीड रेल क्षमता को वैश्विक स्तर के करीब ले जाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत इस परियोजना के तहत दो अत्याधुनिक ट्रेनसेट्स का निर्माण किया जाएगा। इन्हें 2027-28 के कोच प्रोडक्शन प्रोग्राम में शामिल किया गया है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जहां सेमीहाई स्पीड ट्रेनों का नेटवर्क तेजी से विकसित हो रहा है। इस परियोजना को मेक इन इंडिया पहल के तहत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने वाला बड़ा कदम भी माना जा रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत भी इसके बड़े पैमाने को दर्शाती है। एक कोच की कीमत लगभग 27 करोड़ 86 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं पूरे कॉन्ट्रैक्ट का मूल्य 867 करोड़ रुपये के आसपास होगा। इसमें डिजाइन, निर्माण, टूलिंग और ट्रायल से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं शामिल हैं।