जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: भारतीय संगीत जगत की सबसे चमकदार और बहुमुखी आवाज आशा भोंसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। रविवार को 92 वर्ष की आयु में उनके निधन ने पूरे राष्ट्र को शोक में डुबो दिया। सोमवार को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान और विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। 'आशा ताई अमर रहें' के गूंजते नारों के बीच उनके बेटे आनंद ने उन्हें मुखाग्नि दी। यह एक ऐसा क्षण था जब लगा मानो संगीत की दुनिया की धड़कन रुक गई हो। फिलहाल आशा ताई पंचतत्व में विलीन हो गई हैं।
गीतों और सुरों के साथ अंतिम विदाई
आशा ताई का अंतिम सफर किसी उत्सव से कम नहीं था, जैसा कि उन्होंने अपने जीवन को जिया। अंतिम विदाई के समय संगीत जगत के दिग्गजों शान और अनूप जलोटा समेत कई बॉलीवुड कलाकारों ने उनके ही कालजयी गीत गाकर उन्हें भावभीनी विदाई दी। यह नजारा दिल को छू लेने वाला था, जहां एक तरफ आंखों में आंसू थे, वहीं दूसरी तरफ उनके सुरों के प्रति कृतज्ञता।
श्रद्धांजलि देने उमड़ा सितारों का रेला
उनके अंतिम दर्शन के लिए सिनेमा, खेल और राजनीति जगत की दिग्गज हस्तियां पहुंचीं। एआर रहमान, शबाना आजमी, रणवीर सिंह, तब्बू, जैकी श्रॉफ, फरहान अख्तर, सचिन तेंदुल्कर, मोहम्मद शिराज, विक्की कौशल, हेलन और अनुराधा पौडवाल जैसे कलाकारों और खेल जगत के दिग्गजों ने उन्हें नमन किया। राजनीति से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा बॉलीवुड इस महान गायिका को खोने के गम में डूबा नजर आया।

संघर्ष से सफलता का ऐतिहासिक सफर
आशा भोंसले का जीवन मात्र सफलता की कहानी नहीं, बल्कि कड़े संघर्ष और अटूट इच्छाशक्ति की दास्तां है। उन्होंने अपना पहला गाना मराठी फिल्म के लिए अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ गाया था 'चला चला नव बाल'। हालांकि, उन्हें असली पहचान 16 साल की उम्र में मिली, जब उन्होंने फिल्म 'रात की रानी' के लिए अपना पहला सोलो गाना रिकॉर्ड किया। उन्होंने हिंदी, बंगाली और मराठी सहित विभिन्न भाषाओं में 12000 से अधिक गानों को अपनी जादुई आवाज दी।





