चेन्नई, एजेंसी। तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार ने मंदिरों के कोष से पूरी की जाने वाली 246 करोड़ रुपये की पिछली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार की परियोजनाएं रद्द कर दी हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि इस कदम से तमिलनाडु हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के नियंत्रण वाले मंदिरों को वित्तीय संकट में जाने से बचाने में भी मदद मिलेगी। एक सूत्र ने बताया कि अब तक प्रमुख प्राचीन मंदिरों से होने वाली आय का इस्तेमाल वंचित वर्गों के लोगों के विवाह कराने, विवाह भवनों और बड़े व्यावसायिक परिसरों के निर्माण जैसी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाता था जबकि मंदिर पट्टे पर दी गई अपनी जमीन और दुकानों को वापस हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। हिंदू मुन्नानी जैसे हिंदू संगठन मंदिरों के कोष का व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन हस्तांतरित किए जाने का विरोध करते रहे हैं। टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता संभालने के बाद हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग ने मंदिरों के कोष से 29 विवाह भवन और 17 व्यावसायिक परिसर बनाने के लिए पिछली द्रमुक सरकार द्वारा दी गई प्रशासनिक मंजूरी 19 जून को रद्द कर दी। कुल 246 करोड़ रुपये की इन 46 परियोजनाओं की घोषणा तो की गई थी लेकिन इन पर काम शुरू नहीं हुआ था। एक अधिकारी ने कहा कि इस धन का इस्तेमाल मंदिरों और श्रद्धालुओं के हित में किया जाएगा।
तमिलनाडु सरकार ने मंदिर कोष से पूरी की जाने वाली 246 करोड़ रुपये की 46 परियोजनाएं रद्द कीं
20-Jun-2026





