जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट अभी खत्म भी नहीं हुआ कि ईरान की नई धमकी ने दुनिया भर के देशों को चिंता में डाल दिया है। ईरान ने कहा कि वह एक और समुद्री रास्ते को बंद करने जा रहा है। पश्चिमी एशिया संकट के बीच भारत के लिए अच्छी खबर भी आई है। ईरान ने कहा है कि वह अब साथी देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने देगा।
भारत को मिली बड़ी खुशखबरी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत को बड़ी खुशबरी दी है। उन्होंने कहा है कि उनका देश अब साथी देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देगा। इन देशों में भारत भी शामिल है। साथ में चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान का नाम भी लिया गया है। इसका मतलब है कि भारत के जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा। हालांकि, एक शर्त रखी गई है कि जहाजों को पहले ईरान के अधिकारियों से समन्वय करना होगा। बता दें कि यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब इस रास्ते को लेकर पूरी दुनिया में चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि यही रास्ता दुनिया के सबसे बड़े तेल सप्लाई रूट्स में से एक है। अगर यह बंद हो जाता, तो भारत जैसे देशों के लिए तेल की कीमतें और सप्लाई दोनों पर असर पड़ता। इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि होर्मुज मार्ग के बंद रहने से तेल, गैस और खाद की सप्लाई रुक रही है। इससे पूरी दुनिया में हाहाकर मच सकता है। गुटेरेस ने अमेरिका और इजरायल से अपील की कि वे युद्ध को जल्द खत्म करें, क्योंकि इससे आम लोगों की हालत खराब हो रही है। युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी भारी असर डाल रहा है। साथ ही उन्होंने ईरान से भी कहा कि वह अपने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे।
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से वापसी की राह मुश्किल नजर आ रही है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि ईरान अब तेल और व्यापार के रास्ते को पूरी तरह से चोक करने की रणनीति पर काम कर रहा है। यह बता रहा है कि अभी तेल और गैस संकट खत्म नहीं हुआ है। पूरे विश्व समुदाय को सावधानी पूर्वक इस समस्या का हल निकालने के प्रयास करने चाहिए। बता दें कि ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट जारी की है। इसमें एक सैन्य सूत्र ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के क्षेत्र उसके द्वीपों पर हमला हुआ तो वह बाब अल-मंडेब स्ट्रेट में एक नया मोर्चा खोल सकता है। यानी इसे भी होर्मुज की तरह बंद कर सकते हैं। इस जानकारी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि होर्मुज की तरह यह भी समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां से दुनिया का बड़ा व्यापार होता है।
बाब अल-मंडेब का मार्ग महत्वपूर्ण
यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार की एक प्रमुख धुरी है। बता दें कि अरबी भाषा में बाब अल-मंडेब का मतलब होता है आंसुओं का द्वार। यह संकरा समुद्री मार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह यमन (जहां ईरान समर्थित हूतियों का नियंत्रण है) और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र (जिबूती और इरिट्रिया) के बीच स्थित है। अपने सबसे संकरे हिस्से में यह मात्र 29 किलोमीटर चौड़ा है। यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट के बीच होने वाले तेल और गैस का अधिकांश ट्रांसपोर्टेशन इसी रास्ते से होता है। यूरोप और एशिया के बीच स्वेज नहर से गुजरने वाले किसी भी जहाज को बाब अल-मंडेब से होकर जाना पड़ता है। यही कारण है कि इसे दुनिया के सबसे अहम चोक पॉइंट्स में गिना जाता है।





