एक सीध में दिखाई देंगे 6 ग्रह, खगोल प्रेमियों के लिए खास दिन

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। फरवरी का महीना खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास रहा। इस दौरान आसमान में अद्भुत घटनाएं देखने को मिली। 17 फरवरी को वलयाकार सूर्य ग्रहण यानी रिंग आफ फायर का नजारा दिखाई दिया। अब महीने के अंत यानी 28 तारीख को 6 ग्रहों की शानदार प्लैनेट परेड दिखाई देगी।
अंतरिक्ष की दुनिया में दुर्लभ घटनाएं

अंतरिक्ष की दुनिया में ऐसी ऐसी दुर्लभ घटनाएं होती रहती हैं जो इंसानों को आश्चर्य के समंदर में डाल देती हैं। 28 फरवरी को भी ऐसा ही होने वाला है। इसलिए इस दिन मौका मिले तो अपने काम से छुट्टी ले लें। क्योंकि आसमान में एक असाधारण नजारा दिखने वाला है। यह ऐसी घटना होगी जो शायद ही आपने इससे पहले देखी होगी। इस दुर्लभ खगोलीय घटना के दौरान हमारे सौर मंडल के सात ग्रह एक लाइन में खड़े हो जाएंगे। 28 फरवरी की शाम यह बेहद खूबसूरत और अद्भुत नजारा दिखाई देगा। सूर्यास्त के बाद पश्चिमी या दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज पर छह ग्रह एक लाइन में दिखेंगे। इस दौरान बुध, शुक्र, शनि, नेप्च्यून, यूरेनस और बृहस्पति आसमान में एक लाइन में नजर आएंगे।
दुर्लभ प्लैनेटरी अलाइनमेंट

नासा और खगोल विशेषज्ञों ने बताया है कि यह दुर्लभ प्लैनेटरी अलाइनमेंट फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक चलेगा। सभी छह ग्रह सूर्य की परिक्रमा पथ यानी एक्लिप्टिक के साथ एक लाइन में नजर आएंगे। सूर्यास्त के लगभग 30-45 मिनट बाद साफ मौसम में पश्चिमी क्षितिज की तरफ दिखाई देंगे।  बुध शुक्र के पास, थोड़ा ऊपर दिखेगा। क्षितिज के करीब होने के कारण देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन आसमान साफ होगा तो दिखेगा। इसी तरह शनि स्थिर चमकदार ग्रह शुक्र और बुध के ऊपर नजर आएगा। बृहस्पति सबसे ऊंचा और चमकदार नजर आएगा। यह आसमान में ऊपर की तरफ दिखेगा। यूरेनस बृहस्पति के पास होगा, लेकिन बहुत धुंधला दिखाई देगा। इस ग्रह को दूरबीन या छोटे टेलीस्कोप से देखा जा सकता है। इसी तरह नेप्च्यून क्षितिज के करीब और सबसे धुंधला दिखाई देगा। इसे अच्छे  टेलीस्कोप से ही देखा जा सकता है। अगर अच्छा मौसम होता है तो आप शुक्र, बृहस्पति, शनि और बुध को नंगी आंखों से आसानी से देख सकते हैं। लेकिन, यूरेनस और नेप्च्यून के लिए दूरबीन की जरूरत पड़ेगी। 28 फरवरी 2026 को शाम में सभी ग्रह एक लाइन में सबसे अच्छा दिखेंगे। यह दुर्लभ घटना फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक चलेगी। सूर्यास्त के 30 मिनट बाद से करीब 1 घंटे तक पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम क्षितिज पर ग्रह दिखेंगे। अगर आपको साफ तौर पर इस घटना का दीदार करना है तो शहर की लाइट से दूर अंधेरे वाली जगह और खुले स्थान पर जाएं। यहां से यह दृश्य साप तौर पर दिखाई देगा। अब सवाल उठता है कि क्या सच में ग्रह एक सीधी लाइन में होते हैं? इसका जवाब है कि यह एक आप्टिकल इल्यूजन है। ग्रह सूर्य के चारों तरफ अलग-अलग कक्षाओं में घूमते हैं, लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे एक लाइन में लगते हैं। सच में वे एक सीधी लाइन में नहीं होते, बल्कि आसमान में फैले हुए रहते हैं।