जनप्रवाद ब्यूरो टीम। दुनिया का पहला अंतरिक्ष होटल 2027 में लांच होने जा रहा है। दुनिया भर के अंतरिक्ष पर्यटकों को इस घड़ी का बेसब्री से इंतजार है। इसे कैलिफोर्निया की एक कंपनी बना रही है जिसका नाम वॉयजर स्टेशन है। सबसे मजेदार बात यह है कि इसमें रेस्तरां, बार, जिम, कॉन्सर्ट हॉल और यहां तक कि सिनेमाघर भी होगा।
आकाश में चाय पिएंगे लोग
अभी तक इंसानों को धरती से तारे और गैलेक्सी देखने के लिए टेलिस्कोप की जरूरत पड़ती है। अब ब्रह्मांड के अनंत सन्नाटे को जल्द ही क्रॉकरी के टकराने और गपशप की आवाजें चीर देंगी। लोग आकाश के बीच बैठकर चाय-कॉफी की चुस्की ले सकेंगे। इससे अंतरिक्ष केवल वैज्ञानिकों के रिसर्च की जगह नहीं रह जाएगा बल्कि यह दुनिया के सबसे महंगे और रोमांचक हॉलिडे डेस्टिनेशन के रूप में तब्दील हो जाएगा। दुनिया का पहला स्पेस होटल कहा जाने वाला वॉयेजर स्टेशन कैलिफोर्निया की कंपनी एबव स्पेस द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह होटल अंतरिक्ष में घूमता रहेगा। इसके घूमने से अपकेंद्रीय बल पैदा होगा। यानी यह स्पेस स्टेशन एक विशाल घूमते हुए पहिये जैसा होगा। इस स्पेस स्टेशन की सबसे बड़ी खूबी इसका कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण सिस्टम है। भौतिकी के सिद्धांतों के अनुसार, जब यह स्टेशन घूमेगा, तो सेंट्सेंट्रीफ्यूगल फोर्स की वजह से अंदर रहने वालों को चंद्रमा जैसा गुरुत्वाकर्षण महसूस होगा। इसका मतलब है कि आप वहां सामान्य रूप से चल सकेंगे। सामान्य तरीके से पानी पी सकेंगे और टॉयलेट या खाना खाने जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष नहीं करना होगा। इस होटल में बनने वाला फोर्स चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण के बराबर ग्रैविटी पैदा करेगा। बाद में इसका लक्ष्य धीरे-धीरे मंगल या धरती की ग्रैविटी के बराबर गुरुत्वाकर्षण पैदा करना होगा जिससे लोग वहां ज्यादा देर तक रह सकें।
ग्रैविटी पैदा करने का विचार पुराना
बता दें कि रोटेटिंग व्हील से ग्रैविटी पैदा करने का यह विचार बहुत पुराना है। यह सबसे पहले 1900 के आसपास रूसी शिक्षक कॉन्स्टेंटिन त्सिओलकोव्स्की ने दिया था। बाद में इसे जर्मन रॉकेट वैज्ञानिक वर्नर वॉन ब्रौन ने लोकप्रिय बनाया और इसके डिजाइन की कल्पना की। यह होटल अपनी कक्षा में तीन तरीकों से स्थिर रहेगा।
1,25,000 वर्ग फुट जितना बड़ा स्पेश
यह लगभग 1,25,000 वर्ग फुट जितना बड़ा होगा और इसमें 24 खास तरह के अलग-अलग हिस्से होंगे। इसमें मेहमानों और काम करने वाले कर्मचारियों को मिलाकर कुल 400 लोग एक बार में ठहर सकेंगे। इसमें लोगों के लिए निजी कमरे होंगे और लाउंज होंगे। यहां से धरती के बहुत सुंदर और बड़े नजारे दिखेंगे। इसे कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से स्पेस में भेजा जाएगा। जब यात्री स्टेशन पर पहुंचेंगे तो वे एक शून्य गुरुत्वाकर्षण पॉड पर उतरेंगे और फिर वे एक खास लिफ्ट के जरिए होटल के बाहरी हिस्सों में जाएंगे। इस होटल में रहना बहुत महंगा होगा जिसका खर्च करोड़ों रुपए तक हो सकता है।





