भारतीय पायलट स्मित मच्छार की पूरी दुनिया में हो रही तारीफ, 180 यात्रियों की बचाई जान 

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। भारतीय पायलट स्मित मच्छार की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है। उन्होंने गजब का साहस दिखाते हुए फ्लाईदुबई के विमान में सवार 180 यात्रियों की जान बचाई। इसके लिए पीएम मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताया। 
180 यात्रियों की अटकी रही जान

बुधवार का दिन दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट के 180 यात्रियों के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा। हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब विमान के को-पायलट ने अचानक चीफ पायलट भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला करना शुरू कर दिया। को-पायलट की कोशिश विमान को क्रैश करने की थी। कैप्टन स्मित मछार ने अपनी सूझबूझ और पैसेंजरों की फुर्ती से हमलावर को-पायलट को काबू में किया और विमान को सुरक्षित लैंड कराया। दूसरी ओर फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में कथित तौर पर हुए मिड-एयर हमले ने विमान में सवार यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस घटना के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जिस तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, उसकी पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है। 
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार प्रशंसा

पीएम मोदी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ और मच्छार को सच्चा हीरो बताया। उन्होंने कहा कि बहुत ही खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भी उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए बहुत ही हिम्मत दिखाई। उनकी बहादुरी की वजह से ही सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। इजरायल के बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उन्हें सच्चा हीरो बताया। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने इस घटना को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। को-पायलट ने कथित तौर पर पायलट पर हमला किया। उन्होंने हमलावर के बारे में कहा कि वह शायद आतंकवादी या सनकी हो सकता है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और हमले का मकसद अभी जांच के दायरे में है। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की असाधारण बहादुरी को सलाम किया। नेतन्याहू ने कहा कि मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को होने से रोक दिया। वह एक सच्चे नायक हैं।

 बता दें कि बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश की गई। आरोपी सह-पायलट ने पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और विमान के सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। मुश्किल हालात और चाकू के कई वार झेलने के बावजूद स्मित ने गजब की हिम्मत दिखाते हुए विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोला। जिसके बाद विमान में सवार दो आॅफ ड्यूटी इजरायली पायलट और अन्य यात्रियों ने हमलावर को काबू किया। इससे 180 यात्रियों को ले जा रहे विमान को क्रैश होने से बचा लिया। इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका सऊदी अरब के ताबुक में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारतीय दूतावास उनकी सेहत पर नजर रख रहा है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भी कैप्टन स्मित मच्छार को हीरो बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की। मंत्रालय के अनुसार गंभीर चोटों के बावजूद स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। घटना के समय विमान में मौजूद इजरायली यात्री यानिव हयून ने भी कथित हमलावर को काबू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्टों के अनुसार विमान के तेजी से नीचे जाने के दौरान यात्री कॉकपिट की ओर पहुंचे और कथित हमलावर को पकड़कर वहां से हटाया। हयून ने कहा कि उन्होंने हमलावर को काबू करने के लिए चोकहोल्ड का इस्तेमाल किया और उसे कॉकपिट से बाहर खींच लिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित स्थिति में लाने में यात्रियों और क्रू ने सहयोग किया। विमान में सवार 174 यात्रियों में से 150 इस्राइली नागरिक थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। यही वजह है कि इजरायली सरकार ने भी भारतीय पायलट की दिल खोलकर तारीफ की है।