जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर में 509 दिव्यांगजन को 664 विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरणों का वितरण वितरण किया। इस अवसर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शारीरिक बाधा प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। आवश्यकता केवल सही अवसर और उचित मंच की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में बिना भेदभाव समाज के हर वर्ग तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचा है। इससे पहले उन्होंने जनता दर्शन में लोगों की समस्याओं को सुना। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए। बिना भेदभाव के शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना, सुशासन का पहला सूत्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में पूरे देश में बिना भेदभाव के शासन की योजनाओं का लाभ समाज के हर तबके तक पहुंचाया गया। इसमें व्यक्ति, जाति, मत, मजहब, क्षेत्र और भाषा कहीं आड़े नहीं आए। उन्होंने कहा कि मंत्र एक ही था ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’। सीएम योगी ने कहा कि मुझे सेवा संकल्प अभियान के क्रम में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचा है। 
सीएम योगी ने कहा कि दिव्यांगजन को पहले 300 की पेंशन मिलती थी। हमने इसे पहले बढ़ाकर 500 और फिर 1,000 किया। अब कुछ ही दिनों में पेंशन राशि में और वृद्धि करने जा रहे हैं। हम लोगों ने प्रदेश में बचपन डे-केयर सेंटर की व्यवस्था को और विस्तार देने का निर्णय लिया है। वर्ष 2026-27 के बजट में भी 3 से 7 वर्ष के श्रवण बाधित, बौद्धिक दिव्यांगता वाले और दृष्टिबाधित बच्चों के लिए जनपद स्तर पर ऐसे केंद्रों के विस्तार का प्रावधान किया गया है। हमारी संस्कृति ने कभी यह नहीं माना कि कोई व्यक्ति अधूरा है। हमारे यहां कहा गया हैअयोग्य: पुरुषो नास्ति, अर्थात कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी 18 कमिश्नरियों में जिला दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र संचालित करने के आदेश दिए गए हैं। गोरखपुर में भी यह सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के कैंपस में प्रारंभ हो गया है। ये दिव्यांगजन के कल्याण के लिए किए जा रहे वे प्रयास हैं, जिन्हें डबल इंजन सरकार आगे बढ़ा रही है।
पूरे प्रदेश में जैसी सुविधाओं के लिए डिजिटल पहचान की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। किसी बच्चे में इसकी आवश्यकता की पहचान होने पर 6 लाख तक का खर्च डबल इंजन सरकार वहन करती है और इसके लिए भी परिवार को सहयोग देती है। 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान को मजबूत कर उन्हें उनका कार्ड भी उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश में दिव्यांगजन को पहले 300 ही पेंशन मिलती थी, जिसे हमने बढ़ाकर 500 और फिर 1,000 किया। अब हम इसमें और बढ़ोतरी करने जा रहे हैं।
सीएम योगी ने दिव्यांगजनों को बांटे उपकरण, जनता दर्शन में भी सुनीं नागरिकों की समस्याएं
01-Oct-2026





