जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद से टीएमसी के बड़े नेताओं व वसूली गैंग के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई में कई मंत्रियों, विधायकों, उनके रिश्तेदारों और पंचायत स्तर के पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इन नेताओं पर वित्तीय हेराफेरी, जबरन वसूली, रंगदारी, अवैध हथियार रखने, चुनाव के बाद हिंसा और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में पूर्व राज्यमंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस को गिरफ्तार किया है। वहीं संदेशखाली के निलंबित और विवादित टीएमसी नेता शेख शहजहां को भी कानून के शिकंजे में ले लिया गया है। शाहजहां पर बड़े पैमाने पर जमीन हड़पने, महिलाओं के खिलाफ हिंसक अत्याचार करने और ईडी अधिकारियों पर हमला करने का मुख्य आरोप है। वर्तमान में वह पुलिस की गिरफ्त में हैं और उसके खिलाफ व्यापक स्तर पर मुकदमा चलाया जा रहा है।

भाजपा सरकार की यह कार्रवाई केवल शीर्ष नेताओं पर ही नहीं बल्कि जिला और पंचायत स्तर पर भी युद्ध स्तर पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं। टीएमसी के एक विधायक के बेटे के पास विदेशी हथियार बरामद होने की भी खबर आ रही है। दक्षिण पश्चिम परगना जिले में स्पेशल टास्क फोर्स ने बिश्नुपुर से टीएमसी विधायक दिलीप मंडल के बेटे अर्घ्य मंडल को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक विदेशी पिस्टल और अवैध कारतूस बरामद किए हैं। वहीं, मालदा के रतुआ ब्लॉक में टीएमसी द्वारा संचालित बिलाइमारी पंचायत की प्रधान स्मृतिकणा मंडल ओर उनके पति अनिल मंडल को एक स्थानीय सहकारी बैंक से लगभग 13 करोड़ की धोखाधड़ी और गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
इसके साथ ही कूचबिहार ब्लॉक नंबर 1 समिति के टीएमसी अध्यक्ष अब्दुल कादर हक को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा फाल्टा पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सैदुल खान, सरजीत विश्वास और राजदीप को भी रंगदारी और जानलेवा हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।





