जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। पूरे विश्व से लेकर अंतरिक्ष तक एलियंस के अस्तित्व पर कई शोध हो चुके हैं। कई शोधों में एलियंस के होने के प्रमाण मिले हैं तो कई शोध में इस पर संशय जताया गया है। अब जापान के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को चौंका दिया है। इस शोध के अनुसार पृथ्वी पर एलियंस के होेने के सभी पांच तत्व पाए गए हैं।
अंतरिक्ष तक एलियंस के अस्तित्व
दशकों से दुनिया भर के वैज्ञानिक एलियंस की पहेली सुलझाने में आकाश-पाताल एक करते रहे हैं। वे इस पहेली को हल करने में जुटे हैं कि क्या इस ब्रह्मांड में हमसे भी अधिक बुद्धिमान कोई सभ्यता मौजूद है। अब नेचर एस्ट्रोनॉमी पत्रिका में जापानी वैज्ञानिकों की टीम द्वारा किया गया शोध प्रकाशित हुआ है। इस शोध में बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वैज्ञानिकों ने एस्टेरॉयड रयुगु से धरती पर लाए गए धूल और चट्टानों का अध्ययन किया। इसके सैंपल्स में जीवन के सबसे बुनियादी घटक पाए गए। रिसर्चर्स ने पुष्टि की है कि इन सैंपल्स में वे सभी न्यूक्लियोबेस मौजूद हैं, जो डीएनए और आरएनए बनाने के लिए जरूरी होते हैं। बता दें कि जापानी स्पेस एजेंसी का हायाबुसा-2 स्पेसक्राफ्ट साल 2014 में 30 करोड़ किलोमीटर दूर रयुगु एस्टेरॉयड के लिए रवाना हुआ था। लगभग 900 मीटर चौड़े इस एस्टेरॉयड पर लैंड करना और वहां से सैंपल लेना एक बड़ी चुनौती थी। यह मिशन सफल रहा और करीब 5.4 ग्राम वजनी दो पत्थर धरती पर वापस लाए गए। इन्हीं पत्थरों का वैज्ञानिक ने अध्ययन किया। इससे उन्हें कई नई जानकारियां मिलीं।
बेनु एस्टेरॉयड पर पर किया दावा
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अंतरिक्ष से ऐसे सुबूत सामने आए हैं। इससे पहले नासा के वैज्ञानिकों को बेनु एस्टेरॉयड पर भी ऐसे ही तत्व मिले थे। इन खोजों से अब यह साफ होने लगा है कि जीवन के लिए जिम्मेदार ये मॉलिक्यूल्स पूरे सौर मंडल में फैले हुए हैं। इससे यह भी पता चला है कि एलियंस कोई कल्पना नहीं है बल्कि उनका अस्तित्व पृथ्वी से लेकर अंतरिक्ष तक फैला हुआ है। इससे उन थ्योरी को भी बल मिलता है जिसके बारे में कहा गया कि इस ब्रह्मांड में असंख्य आकाशगंगाएं हैं। ऐसे में यह सोचना सांख्यिकीय तर्क के हिसाब से सही हो सकता है कि उनमें कहीं न कहीं जीवन है। जापान एजेंसी फॉर मरीन-अर्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के बायोकेमिस्ट और लीड आॅथर तोशिकी कोगा ने इस बारे में जानकारी साझा की। उनका कहना है कि रयुगु पर जीवन था। उनका कहना है कि इन तत्वों की मौजूदगी यह बताती है कि आदिम एस्टेरॉयड पर वे सभी तत्व हैं जो जीवन की केमिस्ट्री के लिए जरूरी हैं। स्पेन की यूनिवर्सिटी आॅफ अल्काला के एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट सीजर मेनोर साल्वन का भी मानना है कि ये नतीजे यह बताते हैं कि जीवन के सुबूत अंतरिक्ष से लेकर ब्रह्मांड की गहराईयों में छिपे हैं। ऐसे में निष्कर्ष निकलता है कि जापानी वैज्ञानिकों की यह खोज सौरमंडल के शुरुआत में न्यूक्लियोबेस बनने के किसी नए और अनजाने रास्ते की तरफ इशारा करती है। विक्टोरिया यूनिवर्सिटी आॅफ वेलिंगटन की वैज्ञानिक मॉर्गन केबल ने इस खोज को भी यूनिक बताया है। उनके अनुसार अगर इस विषय पर अध्ययन जारी रखा जाए तो इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। हम एलियंस को लेकर उस रहस्य से पर्दा उठा सकते हैं जिससे दुनियाभर के वैज्ञानिक आज तक अनजान हैं।





