नदियों का फिर बढ़ा जलस्तर, बाढ़ प्रभावितों को मिली राहत

जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का कहर अभी भी जारी है। बारिश से कई नदियां उफान पर हैं। दो दर्जन जनपदों में बाढ़ जैसे हालात हैं। 4 लाख की आबादी प्रभावित है। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान तेज हो गया है। बाढ़ से सांप कीड़े भी घरों में घुस रहे हैं।
यूपी के बलिया में गंगा-सरयू नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। कई गांव-मोहल्ले बाढ़ से घिर गए हैं। सड़कों पर नाव चल रही है। यहां ई-रिक्शा सड़क पर पानी से भरे गड्ढे में पलट गया। हालांकि, ई-रिक्शा में सवार लोग बाल-बाल बच गए। लखनऊ से सटे बाराबंकी में मस्जिद का आधा हिस्सा सरयू नदी में लटका हुआ है। कभी भी मस्जिद नदी में समा सकती है।


कानपुर-उन्नाव में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। नदी किनारे बसे गांवों में 10 फीट तक पानी भर गया है। प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर दोबारा से बढ़ रहा है। संगम के प्रमुख घाट पानी में डूबे हुए हैं। वहीं लेटे हनुमान के 14 दिन बाद कपाट खोल दिए गए हैं। मौसम विभाग ने आज 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में 50 जिलों में बारिश हुई।


मऊ की बात करें तो सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर घटकर शनिवार को 70.35 मीटर पर पहुंच गया। इसके बावजूद नदी खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित लोगों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, घोसी और मधुबन तहसील के निचले इलाकों में पानी भरा है। बेलौली सोनबरसा, पतनई, गौरीडीह और बहादुरपुर समेत कई गांव प्रभावित हैं। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हुई, जबकि रविवार को धूप खिली रही।