लाल बछिया के जन्म ने बढ़ाई चिंता, दुनिया के सर्वनाश के रूप में देखा जाता है बछिया का जन्म

जनप्रवाद ब्यूरो: इजरायल में 2000 साल बाद लाल बछिया का जन्म हुआ है। लाल बछिया को यहूदी और इस्लाम धर्म में दुनिया के अंत के रुप में देखा जाता है। यरूशलेम स्थित टेंपल इंस्टीट्यूट ने बताया कि वे नवजात बछिया का गहन अध्ययन कर रहे हैं। टेंपल इंस्टीट्यूट ने यूट्यूब पर इसके जन्म के बारे में जानकारी दी है और बताया कि बछिया की जांच चल रही है। 

दरअसल समय- समय पर दुनिया के भविष्य से संबंधित कई भविष्यवाणी सोशल मीडिया पर वायरल होती है। इन भविष्यवाणी में दुनिया के खत्म होने के संबंध में बताया जाता है हालांकि ज्यादातर मामलों में यह भविष्यवाणी गलत साबित होती है। ऐसी ही एक भविष्यवाणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। भविष्यवाणी में बताया गया है कि इजराइल में 2000 सालों में पहली बार किसी लाल बछिया का जन्म हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईसाई और यहूदी दोनों धर्मग्रंथों में लाल बछिया के जन्म को आने वाले विनाश का संकेत माना गया है। यह खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह तैजी से फैल गई है और लोग इसे लेकर डर और संदेह जता रहे हैं जबकि कुछ इसे अविश्वास कहकर मानने से इंकार कर रहे हैं। 

लाल बछिया का जन्म यहूदी मसीहा का आगमन- बाइबल
जांच के बाद विशेषज्ञ यह तय करेंगे कि, बछिया पूरी तरह लाल है या नहीं। आम लोगों के बीच यह भविष्यवाणी चर्चा का विषय बन गई है जिसमें पहली लाल बछिया के जन्म से वैश्विक विनाश की शुरुआत होगी। ईसाई धर्म और यहूदी धर्म दोनों में ही लाल बछिया का दुनिया के अंत से संबंध बताया गया है वहीं बाइबल के मुताबिक,पूरी तरह से लाल बछिया का जन्म यहूदी मसीहा के आगमन का संकेत भी हो सकता है। 

 

बछिया के जन्म से इजरायल में बढ़ी चिंता
बछिया के जन्म से इजरायल में चिंता बढ़ गई है। इजरायल और ईरान के बीच में चल रहे युद्ध के कारण इस तरह की भविष्यवाणी को और जोर मिल गया है। 

(यह आर्टिकल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर आधारित है। जनप्रवाद ऐसी किसी भविष्यवाणी का समर्थन नहीं करता है।