जनप्रवाद ब्यूरो: बृज क्षेत्र में आज से लठ्ठमार होली की शुरुआत हो गई है। आज बरसाने में और कल नन्दगांव में लठ्ठमार होली खेली जाएगी। इसके बाद 27 फरवरी रंगभरनी एकादशी से वृन्दावन के बांकेबिहारी मंदिर, राधा वल्लभ लाल, राधा रमण, राधा दामोदर, कृष्ण बलराम आदि सभी मंदिरों में टेसू के फूलों से बने रंगों से होली की शुरुआत हो जाएगी। तब से दर्शन करने आने वाले भक्तों पर प्रसाद रूप में यही रंग बरसाया जाएगा।

होली को लेकर तैयारियां पूरी
जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि रंगभरनी एकादशी से पांच दिवसीय होली महोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। मंदिरों में फूलों, टेसू के रंग एवं गुलाल की होली खेली जाएगी और इस दौरान देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु वृन्दावन आएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगमता एवं सुलभ दर्शन के लिए व्यापक पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। लाखों भक्तों के आगमन को देखते हुए शहर में हर प्रकार के वाहन के प्रवेश पर देर रात से ही प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो पांच मार्च तक अनवरत जारी रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी मंदिरों के खुलने व बंद होने के समय, पार्किंग, अस्पताल, पुलिस सेवा, निकटस्थ जनसुविधाओं आदि की जानकारी क्यूओर कोड के माध्यम से दी की जा रही है।

लठ्ठमार होली की क्या है सामाजिक मान्यता
ब्रज में मनाई जाने वाली यह खास होली है, जिसमें नंदगाव के पुरुष और बरसाने की महिलाएं विशेष रूप से भाग लेती हैं। लट्ठमार होली के दौरान घूंघट ओढ़े महिलाएं रंग-गुलाल की होली के बीच पुरुषों पर प्रतीकात्मक रूप से लट्ठ चलाती हैं, तो वहीं पुरुष ढाल से अपने आप को बचाते हैं। लट्ठमार होली के दौरान तमाम कीर्तन मंडली का गीत-संगीत और नाच गाना भी साथ-साथ चलता रहता है। इस पूरी परंपरा में न सिर्फ होली की मस्ती बल्कि कान्हा और राधा रानी के प्रति भक्ति भी होती है।





