13 अप्रैल को मनाई जाएगी वरुथिनी एकादशी, व्रत रखने से धुल जाते है सभी पाप 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली:  प्रत्येक महीने में दो एकादशी व्रत पड़ते हैं और साल भर में कुल 24 या 26 एकादशियां आती हैं। लेकिन वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली वरुथिनी एकादशी का अपना खास महत्व माना जाता है। इस साल ये एकादशी 13 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। कहते हैं इस एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में इस व्रत को सौभाग्य प्रदान करने वाला माना गया है। चलिए जानते हैं इस साल ये एकादशी कब मनाई जाएगी।

वरुथिनी एकादशी कब है
वरुथिनी एकादशी 13 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि का प्रारंभ 13 अप्रैल को 01:16 AM से होगा और समापन 14 अप्रैल को 01:08 AM पर होगा। वहीं व्रत का पारण 14 अप्रैल 2026 की सुबह 06:54 AM से 08:31 AM के बीच किया जाएगा।

वरुथिनी एकादशी पूजा विधि 
इस एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। फिर सूर्य देव को जल चढ़ाएं। उसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूजा अर्चना करें। भगवान को फूल, फल, मिठाई औ वस्त्र अर्पित करें। मंत्रों को जाप करें। इसके बाद एकादशी की कथा सुनें। अंत में आरती करके पूजा संपन्न करें।

वरुथिनी एकादशी का महत्व 
वरुथिनी एकादशी का व्रत समस्त कष्टों से मुक्ति दिलाता है। कहते हैं इस व्रत को रखने से सूर्य ग्रहण के दौरान सोना दान करने के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। शास्त्रों में अन्नदान सोने के दान से अधिक महत्वपूर्ण माना गया है, लेकिन वरुणथिनी एकादशी का व्रत इससे भी अधिक फलदायी है। इतना ही नहीं खुद भगवान कृष्ण ने इस व्रत के महत्व का वर्णन किया है।