श्री बाकें बिहारी में रंगोत्सव की शुरुआत, जमकर बरसे रंग- गुलाल 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: बृज क्षेत्र की होली विश्व प्रसिद्ध है। बृज क्षेत्र में बसंत पंचमी के बाद से ही होली का त्यौहार शुरु हो जाती है। इस 40 दिनों में रंगभरनी एकादशी, लठमार होली, छड़ी मार होली आदि मनाई जाती है। 27 फरवरी को रंगभरनी एकादशी थी। रंगभरनी एकादशी के अवसर पर श्री बांके बिहारी जी मंदिर में रंगों की होली की शुरुआत हुई वहीं श्री कृष्ण जन्म स्थान पर रंगारंग लट्ठमार होली का उत्सव हुआ जिसे देखने के लिए मथुरा वृंदावन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु देश ही नहीं विदेश से भी पहुंचे। 

बांके बिहारी के लाइव दर्शन
इतिहास में पहली बार रंगभरी एकादशी के दिन सुबह 7:00 से बांके बिहारी जी मंदिर में लाइव स्ट्रीमिंग की शुरुआत हुई तो वहीं दोपहर 1:00 बजे से श्री बांके बिहारी जी मंदिर के सभी सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव दर्शन प्रारंभ हो गए जिन्हें अब घर बैठे ही वक्त अपने आराध्य श्री बांके बिहारी जी के दर्शन कर सकेंगे. इसकी टेस्टिंग पिछले कई दिनों से चल रही थी। मंदिर परिसर रंग गुलाल फुल और व्यंजनों की होली से सराबोर रहा और यहां पर आने वाले भक्त इस अद्भुत पल का गवाह बने।

मथुरा में हुई लट्ठमार होली
धर्म की नगरी मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्म स्थान पर रंगारंग लठमार महोत्सव का शुभारंभ हुआ। राधा कृष्ण के स्वरूप की आरती से प्रारंभ हुआ और होली के लोकगीतों से पूरा कृष्ण जन्म स्थान भक्ति मय हो गया और होली के रंग में रंग गया जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु श्री कृष्ण जन्म स्थान पहुंचे। इस उत्सव यह उत्सव केवल रंगों का ही नहीं बल्कि आस्था प्रेम और परंपरा का भी प्रतीक है. पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामत रहे जिससे की होली के इस  रंगारंग पर्व पर यहां पर आने वाले लोगों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।