जनप्रवाद मंदिर, नई दिल्ली: आगामी 19 मार्च से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां भवानी के नौ स्वरुपों की पूजा- अर्चना की जाएगी। दिल्ली-एनसीआर में मां भवानी के एक से अधिक प्रसिद्ध मंदिर हैं। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान आप इन मंदिरों में जाकर पूजा- अर्चना कर मां भवानी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते है। ये सभी मंदिर दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद आदि जगहों पर स्थित है।
कालकाजी मंदिर, दिल्ली

कालकाजी मंदिर दिल्ली के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की अच्छी- खासी संख्या मां भवानी की पूजा- अर्चना करने पहुंचती है। नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान यहां 9 दिनों तक भजन-कीर्तन, विशेष पूजा और आरती का आयोजन होता है। कालकाजी मंदिर के पास कालकाजी मेट्रो स्टेशन है। मेट्रो स्टेशन से कुछ ही दूरी पर मां भवानी का मंदिर है। मेट्रो स्टेशन से आप पैदल मंदिर पहुंच सकते है। इसके अलावा दिल्ली- एनसीआर के अन्य क्षेत्रों से आप अपने निजी वाहन, सार्वजनिक वाहन से भी यहां आ सकते हैं।
शीतला माता मंदिर, गुरुग्राम

गुरुग्राम स्थित शीतला माता मंदिर की अपनी एक अलग मान्यता है। यहां शीतला माता की पूजा कुलदेवी के रुप में होती है। चैत्र नवरात्रि के दौरान मंदिर में मेले का आयोजन किया जाता है। नवरात्रि के दौरान मेले और मंदिर में लाखों की संख्या में भक्त शीतला माता के दर्शन करने पहुंचते है। यहां का सबसे नजदीक मेट्रो स्टेशन मिलेनियम सिटी है और बस स्टैंड गुरुग्राम है। दोनों ही जगहों से ऑटो या टैक्सी आदि के माध्यम से आप यहां पहुंच सकते है। आप यहां अपने निजी वाहन से भी पहुंच सकते है।
झंडेवालान मंदिर, दिल्ली

दिल्ली का प्रसिद्ध झंडेवालान मंदिर भी नवरात्रि के दौरान आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। यहां मां दुर्गा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। इन 9 दिनों में मंदिर में विशेष आरती, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है।
वैष्णो देवी मंदिर, फरीदाबाद

फरीदाबाद स्थित वैष्णो देवी मंदिर दिल्ली-एनसीआर का प्रसिद्ध मां भवानी का मंदिर है। नवरात्रि के दौरान यहां प्रतिदिन जागरण और भंडारे का आयोजन किया जाता है। साथ ही भव्य पूजा-अर्चना भी की जाती है। यहां मां भवानी के नौ स्वरुप विराजमान हैं।
योगमाया मंदिर, दिल्ली

दिल्ली के महरौली में कुतुब मीनार के पास स्थित योगमाया मंदिर एक प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर है जो भगवान कृष्ण की बहन और देवी दुर्गा के अवतार को समर्पित है। यह 5,000 वर्ष से अधिक पुराना माना जाता है और इसे महाभारत काल के समय के पांच प्रमुख मंदिरों में से एक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।





