नवरात्रि में घट स्थापना करना होता है बेहद शुभ, जानिए क्यूं की जाती है घट स्थापना 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि को बहुत ही पवित्र और शुभ पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में माता दुर्गा स्वयं पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच विराजमान होती हैं। कहा जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से इन नौ दिनों तक माता की पूजा-अर्चना करता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और इसका समापन 27 मार्च को रामनवमी के साथ होगा। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से नवदुर्गा कहा जाता है।

घट स्थापना का यह है मुहूर्त 
 नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना से होती है। कलश को देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है और इसके माध्यम से देवी का आह्वान भी किया जाता है। इस नवरात्रि में घट 19 मार्च को सुबह लगभग 06:52 से 07:43 बजे तक स्थापित कर सकते है। 

क्यूं की जाती है घट स्थापना
कलश को सुख- समृद्धि, ऐश्वर्य देने वाला तथा मंगलकारी माना जाता है। कलश के मुख में भगवान विष्णु, गले में रुद्र, मूल में ब्रह्मा तथा मध्य में देवी शक्ति का निवास माना जाता है। नवरात्रि के समय ब्रह्मांड में उपस्थित शक्तियों का घट में आह्वान करके उसे कार्यरत किया जाता है। इससे घर की सभी विपदादायक तरंगें नष्ट हो जाती हैं तथा घर में सुख-शांति तथा समृद्धि बनी रहती है। 

मिट्टी के कलश में करें घट स्थापना
प्राचीन काल से ही पूजा-पाठ में कलश स्थापना की जाती है, जिसके लिए मिट्टी के कलश का ही प्रयोग होता रहा है हालांकि इसके अलावा पीतल, स्टील, तांबा जैसे कई धातुओं के कलश प्रयोग में लाए जाते हैं। लेकिन मिट्टी का कलश पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान के लिए सबसे शुद्ध और पवित्र माना जाता है। इसलिए नवरात्रि के दिन शुभ मुहूर्त में मिट्टी के कलश से ही घट स्थापना करें. इससे मां भगवती प्रसन्न होंगी और पूजा का फल मिलेगा।