जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: सूर्य देवता और छठी मैय्या की उपासना का पर्व छठ पूजा साल में दो बार मनाया जाता है। एक कार्तिक महीने और दूसरा चैत्र महीने में। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होने वाले इस पर्व को चैती छठ कहा जाता है। इस साल चैती छठ का आगाज 22 मार्च को होगा। चैती छठ के चार दिनों के दौरान सूर्य देवता की उपासना की जाएगी। चैती छठ मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैती छठ के दौरान सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और संतान की रक्षा होती है।
छठ पूजा का पहला दिन- नहाय खाय
चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व की शुरुआत नहाय खाय से होती है। इस दिन व्रती स्नान कर नए वस्त्र धारण कर पूजा के बाद चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल को प्रसाद के तौर पर ग्रहण करते हैं। व्रती के भोजन करने के बाद परिवार के सभी सदस्य भोजन ग्रहण करते हैं।

छठ पूजा का दूसरा दिन- खरना
छठ पूजा के दूसरे दिन को खरना के नाम से जाना जाता है। इस पूजा में महिलाएं शाम के समय लकड़ी के चूल्हे पर गुड़ का खीर बनाकर उसे प्रसाद के तौर पर खाती हैं । महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार मान्यता है कि खरना पूजा के बाद ही छठी मइया का घर में आगमन हो जाता है।
छठ पूजा का तीसरा दिन संध्या अर्घ्य
छठ पूजा के तीसरे दिन व्रती महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। साथ ही छठ पूजा का प्रसाद तैयार करती हैं। शाम के समय नए वस्त्र धारण कर परिवार संग किसी नदी या तालाब पर पानी में खड़े होकर डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देते हैं। तीसरे दिन का निर्जला उपवास रात भर जारी रहता है।

छठ पूजा का चौथा दिन उषा अर्घ्य
छठ पूजा के चौथे दिन पानी में खड़े होकर उगते यानी उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाएं सात या ग्यारह बार परिक्रमा करती हैं। इसके बाद एक दूसरे को प्रसाद देकर व्रत खोला जाता है। 36 घंटे का व्रत सूर्य को अर्घ्य देने के बाद तोड़ा जाता है। इस व्रत की समाप्ति सुबह के अर्घ्य यानी दूसरे और अंतिम अर्घ्य को देने के बाद संपन्न होती है।
चैती छठ को लेकर तैयारियां शुरू
चैती छठ को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य जगहों पर कृत्रिम घाटों और छठ घाटों की सफाई की जा रही है। इसके अलावा व्रतधारियों द्वारा छठ की खरीदारी भी शुरू हो गई है।





