जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली : ऑनलाइन डेटिंग ऐप इन दिनों ठगों के लिए साइबर ठगी करने का नया अड्डा बन गया है। डेटिंग ऐप्स पर साइबर ठग पहले लोगों को अपने प्यार के जाल में फंसाते है और पैसों की डिमांड करते हैं। पहले ये साइबर फ्रॉडस्टर्स इन ऐप्स पर अपनी फेक आईडी बनाते हैं और सामने वाले को इंप्रेस करने की कोशिश करते हैं। मीठी- मीठी बातें करना, तारीफ करना, कुछ ही दिन में सच्चा प्यार हो जाने का दावा करना जैसे तरीका अपनाकर ये इंप्रेस करने की कोशिश करते हैं। ये फ्रॉडस्टर्स हर उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, लेकिन तलाकशुदा, बुजुर्ग और हाल ही में अपने साथी को खो चुके लोगों को यह ठग सबसे ज्यादा निशाना बना रहे हैं। ये ठग जानते हैं कि अकेलापन ही इंसान को भावनात्मक तौर पर सबसे ज्यादा कमजोर बनाता है। ये ठग पहले इन लोगों को भावनात्मक सपोर्ट देकर अपनी तरफ आकर्षित करते हैं, उसके बाद पैसों की डिमांड करते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि सावधान रहें और किसी पर भी जल्दी से भरोसा ना करें।

कैसे पहचानें साइबर फ्रॉड है
प्यार एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। यदि कोई कुछ दिनों की बातों में ही प्यार का इजहार कर देते हैं या फिर वीडियो कॉल आदि करने में हिचकते हैं तो सावधान होने की जरूरत है।
यदि वह किसी भी रूप में पैसों की डिमांड करता है तो यह भी एक रेड फ्लैग है।
यदि वह बार- बार अपनी बात को बदलता हो या उसकी ऑनलाइन उपस्थिति कम हो, तो यहां भी सतर्क रहने की जरूरत है।
क्या होती है उनकी डिमांड
साइबर ठगी करने वाले लोग कभी भी सीधी पेमेंट की मांग नहीं करते है। वह ट्रेडिंग में इंवेस्ट करने, क्रिप्टोकरेंसी और वायर करेंसी की मांग करते है। इनमें रिवर्स पेमेंट का कोई विकल्प नहीं होता। गिफ्ट कार्ड भी एक आम तरीका है, इसमें भी रिवर्स पेमेंट का विकल्प नहीं होता है।

ऐसे करें बचाव
किसी पर भी जल्दी से भरोसा ना करें।
यदि किसी ऑनलाइन मिले व्यक्ति के साथ रिलेशनशिप में हैं तो उसका बैकग्राउंड जानने की पूरी कोशिश करें। उसके व्यवहार को नोट करें।
व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी को क्रॉस वेरीफाई करें।
पैसों की डिमांड बिल्कुल पूरी ना करें।
अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
यदि फिर भी आप इसका शिकार हो जाते हैं तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें।





