जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। लखनऊ में दूसरे चरण के लोकार्पण समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ-वाराणसी वाया सुल्तानपुर कॉरिडोर को जल्द विकसित किया जाएगा। फिलहाल जो मौजूदा हाईवे है उसे ग्रीन कॉरिडोर में तब्दील किया जाएग। साथ ही लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर का लोकार्पण भी अप्रैल के पहले सप्ताह में किया जाएगा।

बता दें कि एक्सप्रेस-वे शुरू होते ही यात्री 35 से 40 मिनट में लखनऊ से कानपुर सीधे पहुंच सकेंगे। करीब 62 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर 4500 करोड़ रुपये की लागत आयी है। बता दें कि लखनऊ में 1519 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात मिली है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि इस कॉरिडोर के निर्माण से लोग लखनऊ से सुल्तानपुर होते हुए सीधे वाराणसी जा सकेंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के सात किलो लंबी ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे फेज का लोकार्पण किया। साथ ही तीसरे, चौथे चरण के 10 किमी कॉरिडोर शिलान्यास किया।

उन्होंने कहा कि बाराबंकी-बहराइच मार्ग का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। लगभग 100 किमी. लंबे इस मार्ग के निर्माण पर 7000 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। वर्तमान में बहराइच जाने के लिए 6 घंटे का समय लगता था, लेकिन इसके निर्माण से अब महज सवा घंटे से भी कम समय लगेगा। रक्षामंत्री ने बताया कि लखनऊ-सीतापुर मार्ग पर भी काम तेजी से चल रहा है। लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा शुक्रवार को जनता के लिए खोल दिया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 किलोमीटर लंबे मार्ग का लोकार्पण भी किया। इससे विक्रमादित्य मार्ग बनने वाले तीसरे और चौथे चरण के 10 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया। अभी तक गोमती नगर से सुल्तानपुर रोड होते हुए वाराणसी जाने में करीब दो घंटे का समय लगता था। अब यह दूरी महज 15 मिनट में तय की जा सकेगी। इसके लिए 45 मिनट से एक घंटे तक का समय लगेगा। गौरतलब है कि ग्रीन कॉरिडोर के जिस हिस्से का लोकार्पण किया गया, वह डालीगंज से समता मूलक चौक तक करीब सात किमी. लंबा है। इसके निर्माण पर करीब 299 करोड़ रुपये लागत आई है।





