अलविदा जुमे पर शिया मुसलमानों ने लगाए इजरायल और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे, ईरान का किया समर्थन

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के विरोध में शुक्रवार को देश के अलग- अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन के दौरान शिया मुसलमानों ने अमेरिका द्वारा किए गए युद्ध की कड़ी आलोचना की और कहा कि अमेरिका का इस तरह ईरान पर हमला करना ठीक नहीं है। बता दें कि रमजान के पाक महीने का आज आखिरी जुम्मा था। आखिरी जुम्मा की नमाज अदा करने के लिए काफी संख्या में इस्लाम को मानने वाले लोग इकट्ठे हुए। इस दौरान कश्मीर के मागम तथा बडगाम समेत कुछ शिया बहुल इलाकों में प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा लखनऊ, संभल, श्रावस्ती में शिया मुसलमानों ने प्रदर्शन किया। 

कश्मीर में फलस्तीन के समर्थन में लगे नारे 
कश्मीर में  प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका तथा इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के खिलाफ और फलस्तीन के समर्थन में नारेबाजी की। अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।  स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। ‘जुमा-तुल-विदा’ को फलस्तीन के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए ‘यौम-उल-कुद्स’ के रूप में भी मनाया जा रहा है और नमाज के बाद इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की आशंका है। अधिकारियों ने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को भी बंद कर दिया। 

लखनऊ में इजरायल और अमेरिका मुर्दाबाद के लगाए नारे
लखनऊ के बड़े इमामबाड़े हुसैनाबाद में शुक्रवार को मस्जिदों में भी अलविदा जुमे की नमाज पढ़ी गई। कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर में नमाज संपन्न हुई। बड़े इमामबाड़े में धर्मगुरु कल्बे जवाद ने नमाज के बाद लोगों को संबोधित किया। धर्मगुरु कल्बे जवाद ने अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमलों की निंदा की। इस दौरान इमामबाड़े में मौजूद लोगों ने ईरान के प्रति सहानुभूति जताते हुए अमेरिका और इजरायल के प्रति आक्रोश जताया। कल्बे जवाद ने कहा कि दोनों देश ईरान पर जो जुर्म कर रहे हैं जल्द ही उसका अंत होगा। उन्होंने ईरान के लोगों के साथ मजबूती से खड़े होने का आह्वान किया। नमाज पढ़ने पहुंचे लोगों ने हाथों में अयातुल्ला खामेनेई के पोस्टर लेकर इजरायल और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाए।