जन प्रवाद, ब्यूरो।
ग्रेटर नोएडा। जिम्स में पिछले कई दिनों से आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हो गई। अस्पताल प्रशासन व पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को मुख्य द्वार से हटाकर अन्यत्र जगह जाने के लिए कहा गया। कई प्रदर्शनकारी दूसरे स्थान पर जाने लगे लेकिन कुछेक ने मना किया जिससे झड़प शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठी चार्ज की जिससे उन्हें चोट आई है।

इस बाबत जिम्स प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पुलिस प्रशासन और जिम्स प्रबंधन द्वारा लगातार उनसे संवाद कर उनसे वार्ता और समझाने का प्रयास किया जा रहा था। ये संविदा कर्मी जिम्स अस्पताल के अंदर मुख्य हॉल में बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे दिन-प्रतिदिन आने वाले मरीजों को अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था और चिकित्सा सेवाएं बाधित हो रही थी। पुलिस व प्रशासन द्वारा लगातार इनसे अनुरोध किया जा रहा था कि आप सभी अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार व हॉल से अन्यंत्र स्थानांतरित होकर अपना धरना प्रदर्शन कर सकते हैं किंतु इन सभी के द्वारा हठधर्मिता अपनाते हुए स्थान परिवर्तन करने के अनुरोध को अस्वीकार करते हुए हंगामा करना प्रारंभ कर दिया।

उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की अशांति व हंगामा अस्पताल के मुख्य भवन के अंदर इनके द्वारा की जा रही थी। चिकित्सा सेवाएं अनवरत जारी रहे, इस उद्देश्य से पुलिस द्वारा इनसे पुन: अस्पताल के अंदर ही दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होने का अनुरोध किया गया, जिस पर कुछ कर्मी तैयार होकर जाने लगे किंतु कुछ कर्मियो तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा खींचातानी, धक्का मुक्की की जाने लगी, जिसपर पुलिस कर्मियों द्वारा उन्हें रोककर वहां से स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस द्वारा मारपीट व लाठीचार्ज के लगाए गए आरोप पुर्णत: असत्य एवं निराधार है। पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर मौजूद हैं। शांति व्यवस्था स्थापित है। संबंधित पक्षों से वार्ता कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।





