आबकारी नीति मामले में बरी होने के बाद फूट-फूटकर रोए केजरीवाल

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली।  शराब नीति मामले में एक अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद भावुक हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश थी। फैसला आने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिल्ली के तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री रो पड़े। उन्होंने कहा, अदालत ने साबित कर दिया है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि आबकारी मामले की साजिश आम आदमी पार्टी (आप) को खत्म करने के लिए रची गई थी।

आप प्रमुख ने लगाया आरोप 

आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से एक फर्जी मामला था, जिसे गढ़ने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका थी। दिल्ली की एक अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से तालमेल नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने मामले में आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं के अलावा 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया। सीबीआई आप की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है।
हाईकोर्ट में देंगे चुनौती : सीबीआई

शराब नीति मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी किए जाने के फैसले को सीबीआई दिल्ली उच्च न्यायालय में तत्काल चुनौती देगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का मानना ​​है कि अपील आवश्यक है क्योंकि जांच के कई पहलुओं को अधीनस्थ अदालत द्वारा या तो नजरअंदाज किया गया है या उन पर विचार नहीं किया गया है। सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, सीबीआई ने अधीनस्थ अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में तत्काल अपील करने का फैसला किया है क्योंकि जांच के कई पहलुओं को या तो नजरअंदाज किया गया है या उन पर पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया गया है। 
कविता ने कहा सत्यमेव जयते

तेलंगाना जागृति की संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद शुक्रवार को कहा कि सत्य की जीत होती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह मामला उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के तहत थोपा गया था। दिल्ली की एक अदालत के फैसले पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पहली प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, सत्यमेव जयते। बाद में यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, न्यायपालिका ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में झूठ के जाल को ध्वस्त कर दिया। कविता को इस मामले में मार्च 2024 में गिरफ्तार किया गया था और उसी साल 29 अगस्त को दिल्ली की तिहाड़ जेल से वह रिहा हुई थीं। उच्चतम न्यायालय ने उन्हें कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धन शोधन मामले में जमानत दे दी थी।