जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्ध के साथ ही इन दिनों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी जंग जैसे हालात हैं। सेनाओं में लगातार फायरिंग और गोले दागे जाने की खबरें आ रही हैं। यही वजह है कि बॉर्डर क्षेत्र में रहने वाले लोग डरे और सहमे हुए हैं। अफगानिस्तान का कहना है कि उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से कोई उम्मीद नहीं है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद के अनुसार पाकिस्तान जिस तरह से हमला कर रहा है उससे आम नागरिकों को नुकसान पहुंच रहा है। अब तक सुरक्षा परिषद की बैठकों से अब तक किसी तरह का कोई परिणाम सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि तालिबान के लड़ाके डुरंड लाइन पार कर पाकिस्तान की चौकियों पर कब्जा कर रहे हैं। टोलो न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान की सेना ने सीमा बॉर्डर और शोराबक में काल्फान दु्रंद लाइन के पास दो पाकिस्तानी पोस्ट पर कब्जा जमा लिया है।

बता दें कि तालिबान की सेना ने 24 फरवरी को पाकिस्तानी सीमा की चौकियों और सैन्य ठिकानों पर हमला बोल दिया था। इन हमलों को 21 फरवरी को पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों का बदला बताया जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान ने उन हमलों को अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई बताया था। हालांकि, इस मामले में संयुक्त राष्ट्र ने आम नागरिक मारे जाने की पुष्टि की थी। इस कारण से लोगों में आक्रोश था।

बता दें कि पाकिस्तान ने तालिबान के इन हमलों को बेबुनियाद बताया था और गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी भी दी थी। 21 फरवरी को पाकिस्तान ने हवाई हमले किए थे। इसके बाद पाकिस्तानी सीमा चौकियों और सैन्य ठिकानों पर तालिबान ने भी बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए थे। पाकिस्तान ने इन हमलों को अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई बताया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के बाद में पुष्टि के अनुसार हमलों में आम नागरिक भी मारे गए थे, जिससे लोगों में भारी गुस्सा फैल गया।

फिलहाल, पाकिस्तान दावा कर रहा है कि उसने तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाया है। जबकि, तालिबान ने भी पाकिस्तानी सेना को नुकसान पहुंचाने जैसे ही दावे किए हैं। हालांकि, इस खबर की जन प्रवाद पुष्टि नहीं करता। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक ही यह जानकारी प्राप्त हुई है।





