जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। सीजफायर के लिए फूफा बनने चला पाकिस्तान अब बेचारा बना हुआ है। यूएई द्वारा कर्ज लौटाने के शिकंजे से परेशान पास्तिान के पीएम शहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर इन दिनों भीख का कटोरा लेकर खाड़ी देशों के दौरे पर निकल पड़े हैं। पहले तो पाकिस्तान ने यूएई से बात करने की कोशिश की लेकिन जब यूएई भाव नहीं दिया तो दोनों कतर, सऊदी अरब और तुर्किए के लिए निकल पड़े।

दोनों ही हाथ में कटोरा लेकर कर्ज की मांग कर रहे हैं। वे पाकिस्तान की दुर्दशा का भी वर्णन कर रहे हैं साथ ही यूएई को एडवांस लोन रिपेमेंट से जुड़े अपने वित्तीय घाटे को पूरा करने की भी बात कह रहे हैं। अब ऐसी जानकारी सामने आई है कि सऊदी अरब ने उसे कर्ज देने की हामी भर दी है।
बताया जा रहा है कि सऊदी अरब पाकिस्तान को तीन अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता देगा। यह रकम मिलने के बाद वह संयुक्त अरब अमीरात को एडवांस लोन रिपेमेंट अगले हफ्त तक कर सके। पाकिस्तान के वित्त मंत्री औरंगजेब के अनुसार अगले सप्ताह का सऊदी अरब से पेमेंट मिल जाएगा। इसके अलावा पाकिस्तान में जमा अतिरिक्त पांच अरब डॉलर के रोल ओवर व्यवस्था को भी लंबी अवधि के लिए बढ़ाने का फैसला किया है।

बता दें कि पाकिस्तान संयुक्त अरब अमीरात को तीन अरब डॉलर के लोन का भुगतान करेगा। पाकिस्तान चाहता था कि वह फिलहाल उसे कम रकम दे लेकिन यूएई ने इससे साफ इंकार कर दिया था और यूएई ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी थी।
बता दें कि पाकिस्तान के पास 16 अरब डॉलर है, लेकिन वह इसमं से चाहकर भी ज्यादा खर्च नहीं कर सकता है। चूंकि, आईएमएफ ने पहले से ही पाकिस्तान पर कई शर्तें लगा रखी हैं। आईएमएफ की शर्तों के तहत पाकिस्तान को आगे लोन देने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार को वित्त वर्ष के आखिरी तक 18 अरब डॉलर जुटाने होंगे।




