जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए भारत की कई कंपनियां इसका विकल्प तलाशने में जुट गई हैं। इसके लिए कंपनियां परमाणु ऊर्जा पर जोर दे रही हैं। इसके लिए एनटीपीसी जैसी थर्मल पॉवर कंपनी पूरी तरह से तैयार है। खबरें तो यहां तक हैं कि एनटीपीसी ने इसके लिए उत्तर प्रदेश में जमीन तलाशना भी शुरू कर दिया है। बता दें कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए पानी की उपलब्धता सबसे अहम है। ऐसे में कंपनी उस जगह का चयन करेगी जहां पानी की कोई समस्या न हो। कंपनी ने वैधानिक स्वीकृतियों से लेकर जमीन की खोज के लिए उच्च स्तरीय चर्चाएं तेज कर दी हैं।

एनटीपीसी के सूत्रों की मानें तो परमाणु ऊर्जा परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश के ललितपुर, प्रयागराज और सोनभद्र जिलों में संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और संसाधनों की उपलब्धता का आकलन किया जा रहा है ताकि एक सुरक्षित और उच्च क्षमता वाला न्यूक्लियर प्लांट तैयार किया जा सके। यह कदम न केवल यूपी को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने के वैश्विक लक्ष्यों में भी सहायक होगा।

बता दें कि भारत अभी भी कोयले से बिजली बनाने पर निर्भर है। हालांकि पनबिजली परियोजनाएं भी चल रही हैं, लेकिन इससे आपूर्ति बहुत ज्यादा नहीं हो पा रही है। लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए परमाणु ऊर्जा का स्रोत खोजना जरूरी हो गया है। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परमाणु ऊर्जा का निर्माण करना अति आवश्यक है। जिससे आगामी भविष्य में विद्युत की समस्या से निपटा जा सके।





