सिविल सेवा दिवस के अवसर पर देश के नौकरशाहों को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी रहेंगे शामिल 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ‘सिविल सेवा दिवस’ के अवसर पर देश के नौकरशाहों को संबोधित करेंगे। भारत में हर वर्ष सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है, जो सिविल सेवकों को नागरिकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने और सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्टता के लिए स्वयं को समर्पित करने का अवसर देता है। यह दिवस सिविल सेवकों को नागरिकों के हित में अपने कर्तव्यों के प्रति पुनः समर्पित होने और लोक सेवा में श्रेष्ठता बनाए रखने की प्रेरणा प्रदान करता है।

सोमवार को जारी बयान के अनुसार, वर्ष 1947 में इसी दिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए सिविल सेवकों को भारत की मजबूत नींव बताया था। यह अवसर नागरिक-केंद्रित प्रशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है। तब से हर साल सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है।

18वें सिविल सेवा दिवस का आयोजन
सिविल सेवा दिवस 2026 की थीम है “विकसित भारत: अंतिम छोर तक नागरिक-केंद्रित शासन और विकास”। यह ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप है और अंतिम व्यक्ति तक सेवाओं की पहुंच तथा समावेशी विकास पर जोर देते हुए पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति सरकार के संकल्प को दर्शाता है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग मंगलवार को 18वें सिविल सेवा दिवस का आयोजन करेगा।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन भी होंगे शामिल
इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन इस कार्यक्रम में विज्ञान भवन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और मुख्य संबोधन देंगे। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह का संबोधन और कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन का स्वागत भाषण भी होगा। इसके बाद ‘सिविल सेवाओं की भूमिका और प्रभावशीलता एक बाह्य दृष्टिकोण’ विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी।