जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: सोनीपत स्थित अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद पर चल रहे केस को बंद करने के आदेश दिए है। कोर्ट ने यह आदेश हरियाणा सरकार की एक टिप्पणी के बाद दिए हैं। हरियाणा सरकार ने कोर्ट में कहा कि हमने अली खान महमूदाबाद के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं दी है। सरकार की इस टिप्पणी के बाद कोर्ट ने कहा कि फिर तो चैप्टर क्लोज ही हो गया। अब केस बंद कर सकते है। बता दें कि प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने 'ऑपरेशन सिंदूर' और भारतीय सेना पर कथित विवादित टिप्पणी की थी। टिप्पणी के बाद उन पर केस दर्ज कर कार्रवाई की गई थी।
प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद अशोका यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान विभाग में प्रोफेसर थे और सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणियों को लेकर चर्चा में आए थे। प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि मैं कर्नल सोफिया कुरैशी की प्रशंसा करते हुए बहुत से दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों को देखकर बहुत खुश हूं, लेकिन शायद वे उतनी ही जोर से यह भी मांग कर सकते हैं कि भीड़ द्वारा हत्या, मनमाने ढंग से बुलडोजर चलाने और भाजपा के नफरत फैलाने के शिकार लोगों को भारतीय नागरिक के रूप में सुरक्षा दी जाए।
दो महिला सैनिकों द्वारा अपने निष्कर्षों को प्रस्तुत करने का नजरिया महत्वपूर्ण है, लेकिन नजरिए को जमीन पर वास्तविकता में बदलना चाहिए, अन्यथा यह सिर्फ पाखंड है। इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उन पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के खिलाफ वह प्रोफेसर सुप्रीम कोर्ट चले गए और उन्हें वहां से उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी। कोर्ट ने प्रोफेसर को अंतरिम जमानत के साथ- साथ सख्त हिदायत भी दी थी वहीं अब सुप्रीम कोर्ट ने केस को बंद करने के आदेश दे दिए है।





