जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: देश में अंग प्रत्यारोपण के प्रति लोगों की जागरुकता में इजाफा हुआ है। वर्ष 2013 से लेकर वर्ष 2025 तक अंग प्रत्यारोपण में चार गुना की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2013 में 5000 से भी कम लोगों ने अंग प्रत्यारोपण किया था वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़ कर 20 हजार पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से यह जानकारी सांझा की है। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में अंगदान के महत्व को रेखांकित किया है और सरकार ने देश में अंगदान आंदोलन को निरंतर प्रोत्साहन दिया है।
एक बयान में मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ‘राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण संगठन’’ (एनओटीटीओ) ने अंगदान, आवंटन और प्रतिरोपण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है, जिससे भारत ने इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में लगभग 18 प्रतिशत प्रतिरोपण मृत दाताओं के दान किए गए अंगों से किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में 1,200 से अधिक परिवारों ने अपने प्रियजनों के निधन के बाद अंगदान कर हजारों लोगों की जान बचाने और कई अन्य के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में योगदान दिया।

4.8 लाख से अधिक नागरिकों ने कराया पंजीकरण
प्रत्येक दाता को अब बहु-अंग दाता के रूप में माना जा रहा है जिससे कई प्राप्तकर्ताओं का जीवन बदल रहा है। 17 सितंबर 2023 से आधार-आधारित सत्यापन प्रणाली के माध्यम से 4.8 लाख से अधिक नागरिकों की मृत्यु के बाद अंग और ऊतक दान के लिए पंजीकरण कराया गया है।
भारत हस्त प्रत्यारोपण में विश्व में अग्रणी
मंत्रालय ने कहा कि भारत ने हृदय, फेफड़े और अग्न्याशय जैसे जटिल अंग प्रतिरोपण करने में दक्षता हासिल की है। बयान में कहा गया कि भारत हस्त प्रत्यारोपण में विश्व में अग्रणी है और किसी भी अन्य देश की तुलना में यहां हाथ के प्रतिरोपण के अधिक मामले सामने आते हैं। मंत्रालय के बयान में कहा गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और ‘ग्रीन कॉरिडोर’ जैसी व्यवस्था से अंगों के त्वरित और सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा मिला है।

केरल की एक बच्ची से सीख लेने की प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में एक 10 महीने की बच्ची का जिक्र किया। केरल की 10 माह की बच्ची आलिन शेरन अब्राहिम राज्य की सबसे कम उम्र की अंग दाता बन गई है। आलिन के पिता ने बताया कि आलिन एक कार दुर्घटना में जख्मी हो गई थी। डॉक्टरों ने बताया कि आलिन का ब्रेन डैमेज हो गया। इससे मुझे और मेरी पत्नी को बहुत तकलीफ हुई लेकिन हमनें उस कठिन क्षण में भी अंग प्रत्यारोपण का फैसला किया। आलिन की लीवर और एक किडनी दो गंभीर रूप से बीमार बच्चों में प्रत्यारोपित की जा चुकी हैं जबकि उनके हार्ट वॉल्व, दूसरी किडनी और आँखों को कोच्चि के साथ तिरुवनंतपुरम के तीन हॉस्पिटलों में ज़रूरतमंदों से मैच कराने की प्रक्रिया की जाएगी।





